राशन किटों में हुई धांधली को लेकर युवाओं ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, जांच की मांग।। Raebareli news ।।

बीके शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार
शिवगढ़/रायबरेली: ब्लॉक द्वारा बांटी गई है राशन किट में हुई धांधली को लेकर शनिवार को ब्लॉक परिसर में युवाओं ने शर्ट उतारकर धांधली का विरोध करते हुए जांच कराने की मांग की है।
      आपको बता दें कि, विकास खंड क्षेत्र शिवगढ़ में कोरोना वायरस के चलते घोषित लाकडाउन के बीच ब्लॉक शिवगढ की 43 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में कुल 852 प्रवासी आये थे। जिन्हें 5 स्कूलो में संस्थागत क्वारेंटाईन किया गया था। उन सभी के 14 दिन पूर्ण होने पर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घरों को इस हिदायत के साथ भेजा गया था कि, वे घर में भी 14 दिन अलग रहेंगे। इसके लिये उन्हें 15 दिनों की एक राशन किट भी बीडीओ द्वारा उन सबके घर भिजवाई गयी थी। बाद में 2978 प्रवासी फिर आ गये। जिन्हें नये नियम के तहत घर पर ही 21 दिनों का होम क्वारेंटाईन किया गया। इसके लिये गांवो मे प्रधान की अध्यक्षता में निगरानी समितियों का गठन किया गया। जिनके द्वारा आशा बहू की सूचना पर उन सबका स्वास्थ्य परीक्षण और किट देने की व्यवस्था की गयी थी।
     परंतु इनमे से ज्यादातर प्रवासियों को अभी तक राशन किट नहीं मिल पायी है। तो वहीं शनिवार को क्षेत्र के युवाओं ने शर्ट उतारकर अर्धनग्न होकर ब्लॉक प्रांगण में प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी से मांग की, जो राशन किट बांटी गई थी उसमें धांधली हुई है। ग्राम प्रधान व क्षेत्र के लोगों के सहयोग से जो  क्वारंटाइन सेंटरों में अनाज वितरण किया गया था। उसका भी पैसा निकाल लिया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। जिसको लेकर क्षेत्र के युवा विपिन सिंह, शिवम सिंह चौहान, शिवम गुप्ता, अरविंद सिंह, राम सजीवन और धर्मेंद्र सिंह आदि लोगों का कहना है कि, प्रवासी मजदूरों को दी गई किट में धांधली हुई है।
      तो वहीं जो स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा क्वारंटाइन सेंटरों में राशन दिया गया, उसका भी पैसा निकाल लिया गया है। जिसकी जांच होनी चाहिए और 3828 प्रवासियों में अभी  हज़ारों प्रवासी किट के इंतजार में हैं। खंड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि, फर्जी तरीके का आरोप लगाया जा रहा है। मानक के अनुरूप किट का वितरण किया गया है। 834 किटों में जो आरोप लगाया गया है, उसमेंं पहले ढाई सौ ग्राम की पैकिंग ना होने के कारण 200 ग्राम का वितरण किया गया। जिसमें 100 रुपए प्रत्येक किट से माइनस किया गया। जो लिखा पढ़ी में है। वितरित की गई किटो का धन न आने के कारण ठेकेदार ने उधार देने से मना कर दिया है।

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