रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: भारत सरकार के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन व रिसर्च की स्थापना के लिए लखनऊ या उसके समीप के जिलों में 200 से ढाई सौ एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। ताकि यह इंस्टिट्यूट यही बनाया जा सके।
आपको बता दें कि, लखनऊ के मंडलाआयुक्त द्वारा लखनऊ और रायबरेली के जिला अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपेक्षा की गई है कि, 10 दिनों के भीतर वह अपने क्षेत्रों में 200 से ढाई सौ एकड़ के बीच भूमि चिन्हित करा कर प्रस्ताव उपलब्ध करावे। आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी रायबरेली को प्रेषित पत्रांक संख्या 1369/ 27-2- 2019व दिनांक 24 -1- 2020 पत्र संख्या 1593 /27-2 -2019 -20, दिनांक 10 /2/ 2020 एवं पत्र संख्या 1477/ 27-2 -2019 -20 दिनांक 3 मार्च 2020 का हवाला देते हुए आयुक्त ने कहा है कि, भारत सरकार का प्रोजेक्ट इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की स्थापना लखनऊ या उसके समीपवर्ती जनपदों में किया जाना है।
ऐसे में लखनऊ के अलावा रायबरेली जिले को प्रमुखता से चयनित किया गया है। आयुक्त ने दोनों जिलाधिकारियों को इस मामले में त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश देते हुए अपेक्षा की है कि, इसे 7 दिनों के अंदर व भूमि का चयन एंव चिहींकरण करके उन्हें भेजेंगे। इसी क्रम में जिला अधिकारी द्वारा रायबरेली जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को जिसमें सदर को छोड़कर सभी उप जिलाधिकारियों को स्थल पर टीेमे भेजकर भूमि का सर्वे कराकर चिन्हीकरण कराने व प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने का निर्देश दिया है। महाराजगंज तहसील में भी उप जिलाधिकारी विनय मिश्रा की देखरेख में तहसील का राजस्व प्रशासन भूमि उपलब्धता के कार्य में जुट गया है।
ज्ञात हो कि, तहसील महराजगंज में हरदोई, बावन बुजुर्ग बल्ला, मऊ गर्बी, मोन, ओसाह सहित कई ऐसे बड़े गांव हैं, जिनमें अभी भी बड़ी तादाद में ग्राम समाज की जमीन खाली पड़ी है। जहां पर राजस्व विभाग की निगाहें टिकी है। मोबाइल से भी जानकारों का मानना है कि, महाराजगंज तहसील क्षेत्र लखनऊ जनपद की सीमा से जुड़ा हुआ है। अगर वास्तव में प्रशासन जमीन का चिन्हीकरण करा कर प्रस्ताव भेजता है, तो वरीयता महराजगंज को ही मिलेगी।
इस मामले में उप जिलाधिकारी विनय मिश्रा का कहना है कि, जिलाधिकारी द्वारा प्रेषित पत्र मिलने के बाद राजस्व कर्मियों को इस कार्य के लिए पूरी तत्परता से कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
महराजगंज/रायबरेली: भारत सरकार के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन व रिसर्च की स्थापना के लिए लखनऊ या उसके समीप के जिलों में 200 से ढाई सौ एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। ताकि यह इंस्टिट्यूट यही बनाया जा सके।
आपको बता दें कि, लखनऊ के मंडलाआयुक्त द्वारा लखनऊ और रायबरेली के जिला अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपेक्षा की गई है कि, 10 दिनों के भीतर वह अपने क्षेत्रों में 200 से ढाई सौ एकड़ के बीच भूमि चिन्हित करा कर प्रस्ताव उपलब्ध करावे। आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी रायबरेली को प्रेषित पत्रांक संख्या 1369/ 27-2- 2019व दिनांक 24 -1- 2020 पत्र संख्या 1593 /27-2 -2019 -20, दिनांक 10 /2/ 2020 एवं पत्र संख्या 1477/ 27-2 -2019 -20 दिनांक 3 मार्च 2020 का हवाला देते हुए आयुक्त ने कहा है कि, भारत सरकार का प्रोजेक्ट इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की स्थापना लखनऊ या उसके समीपवर्ती जनपदों में किया जाना है।
ऐसे में लखनऊ के अलावा रायबरेली जिले को प्रमुखता से चयनित किया गया है। आयुक्त ने दोनों जिलाधिकारियों को इस मामले में त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश देते हुए अपेक्षा की है कि, इसे 7 दिनों के अंदर व भूमि का चयन एंव चिहींकरण करके उन्हें भेजेंगे। इसी क्रम में जिला अधिकारी द्वारा रायबरेली जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को जिसमें सदर को छोड़कर सभी उप जिलाधिकारियों को स्थल पर टीेमे भेजकर भूमि का सर्वे कराकर चिन्हीकरण कराने व प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने का निर्देश दिया है। महाराजगंज तहसील में भी उप जिलाधिकारी विनय मिश्रा की देखरेख में तहसील का राजस्व प्रशासन भूमि उपलब्धता के कार्य में जुट गया है।
ज्ञात हो कि, तहसील महराजगंज में हरदोई, बावन बुजुर्ग बल्ला, मऊ गर्बी, मोन, ओसाह सहित कई ऐसे बड़े गांव हैं, जिनमें अभी भी बड़ी तादाद में ग्राम समाज की जमीन खाली पड़ी है। जहां पर राजस्व विभाग की निगाहें टिकी है। मोबाइल से भी जानकारों का मानना है कि, महाराजगंज तहसील क्षेत्र लखनऊ जनपद की सीमा से जुड़ा हुआ है। अगर वास्तव में प्रशासन जमीन का चिन्हीकरण करा कर प्रस्ताव भेजता है, तो वरीयता महराजगंज को ही मिलेगी।
इस मामले में उप जिलाधिकारी विनय मिश्रा का कहना है कि, जिलाधिकारी द्वारा प्रेषित पत्र मिलने के बाद राजस्व कर्मियों को इस कार्य के लिए पूरी तत्परता से कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
0 टिप्पणियाँ