मिर्जापुर । कोरोना पाजिटिव से निगेटिव हुए लोगों को 10 दिनों में आइसोलेशन सेंटर से भले ही मुक्त कर दिया जाए लेकिन इसके बाद उन्हें सात दिनों तक पूर्ण विश्राम करना चाहिए । क्योंकि इन सात दिनों में उनका आक्सीजन लेविल में सुधार के साथ रक्त का प्रवाह सुधरता है।
जल्दबाजी नुकसानदेह- कोरोना गाइडलाइन में भी 17 दिनों की सजगता का उल्लेख है । सरकारी सेवा के लोग यदि पॉजीटिव होते हैं तो उन्हें 17 दिनों का कोरोना-अवकाश दिए जाने का प्राविधान है।
छूटते ही ड्यूटी न करें- चिकित्सकों का कहना है कि कभी कभी आइसोलेशन सेंटर से मुक्त होते लोग खुशी में दूसरे दिन से अपने कार्यस्थल पर जाने लगते हैं, जो उचित नहीं है। खासकर यदि कोई बीपी, सुगर, किडनी, हार्ट आदि का मरीज पहले से रहा हो तो उसे और भी सतर्कता बरतनी चाहिए।
प्रशासन विभागों को दे निर्देश- अनेक विभागों को इसकी सम्यक जानकारी न होने से समस्या खड़ी हो रही है। अतः इस संबन्ध में परिपत्र जारी किया जाना चाहिए ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।
जल्दबाजी नुकसानदेह- कोरोना गाइडलाइन में भी 17 दिनों की सजगता का उल्लेख है । सरकारी सेवा के लोग यदि पॉजीटिव होते हैं तो उन्हें 17 दिनों का कोरोना-अवकाश दिए जाने का प्राविधान है।
छूटते ही ड्यूटी न करें- चिकित्सकों का कहना है कि कभी कभी आइसोलेशन सेंटर से मुक्त होते लोग खुशी में दूसरे दिन से अपने कार्यस्थल पर जाने लगते हैं, जो उचित नहीं है। खासकर यदि कोई बीपी, सुगर, किडनी, हार्ट आदि का मरीज पहले से रहा हो तो उसे और भी सतर्कता बरतनी चाहिए।
प्रशासन विभागों को दे निर्देश- अनेक विभागों को इसकी सम्यक जानकारी न होने से समस्या खड़ी हो रही है। अतः इस संबन्ध में परिपत्र जारी किया जाना चाहिए ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।


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