कोरोना पीड़ितों को अछूत न समझने की सलाह---
फिर लखनऊ होने लगा स्वैब टेस्ट---
Mzp- विंध्यवासिनी धाम के धर्मनिष्ठ लोगों ने पुनः दैवी-शक्तियों से प्रार्थना की 10 जुलाई को भी कोरोना का पॉजिटिव रिपोर्ट नियंत्रित रहे ।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को 27, बुधवार को 17 आने से बेचैन धर्मनिष्ठ लोगों ने गुरुवार, 9 जुलाई को भोर में गंगा-तट पर प्रार्थना की कि निगेटिव रिपोर्ट से कम पॉजीटिव रिपोर्ट आए। यह ईश्वरीय कृपा ही रही कि शाम तक 7 लोग आइसोलेशन सेंटर से मुक्त हुए और पॉजिटिव की रिपोर्ट 6 आई ।
स्वैब टेस्ट फिर होने लगा लखनऊ- अभी तक वाराणसी में स्वैब टेस्ट होता था जो फिर से लखनऊ होने लगा है। लिहाजा सिर्फ एक दिन 8 जुलाई का लगभग 300 टेस्ट रिपोर्ट आना है क्योंकि 9 जुलाई का सैम्पल 10 जुलाई को वाहन से भोर में भेजा गया जो दोपहर तक पहुँचेगा और उसकी रिपोर्ट बाद में आएगी।
पत्रकार राजन गुप्त- पूर्ण स्वस्थ होकर तथा 10 दिनों की मियाद पूरी कर शुक्रवार को मुक्त होंगे। राजन गुप्त का अनुभव है कि कोरोना का असली उपचार तो *काढ़ा* ही है। 10 दिनों के बीच राजन गुप्त इस अवधि में अत्यंत घबराकर आए मरीजों को भरपूर भरोसा भी देते रहे। जिससे मरीजों में आत्मबल भी जागा ।
आधी बीमारी तो आत्मबल से जीती जा सकती है- कोरोना ही नहीं किसी भी बीमारी में यदि आत्मबल बनाए रखे मरीज तो वह बीमारी रूपी शत्रु को जल्द पराजित कर देता है।
अछूतों सा व्यवहार न हो- देखा जा रहा है कि पॉजिटिव मरीजों से अछूतों सा व्यवहार अपने ही लोग करने लग जाते हैं । इस संबन्ध में दूरदर्शन के पत्रकार समीर वर्मा की इस रवैये पर चिंता स्वाभाविक है। संवेदनशील माने जाने वाले लोगों को इस असंवेदना को समाप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।
अनुकरणीय कार्य- आइसोलेशन सेंटर के कुछ अन्य मरीज उस वक्त डॉक्टर रहमान से अभिभूत हो गए जब सेंटर की सफाई के लिए उन्होंने खुद ही झाड़ू उठा लिया । इस सेंटर पर तैनात डॉक्टर जमील और डॉक्टर राकेश पटेल के सद्भाव से मरीजों को सुकून मिल रहा है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।
फिर लखनऊ होने लगा स्वैब टेस्ट---
Mzp- विंध्यवासिनी धाम के धर्मनिष्ठ लोगों ने पुनः दैवी-शक्तियों से प्रार्थना की 10 जुलाई को भी कोरोना का पॉजिटिव रिपोर्ट नियंत्रित रहे ।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को 27, बुधवार को 17 आने से बेचैन धर्मनिष्ठ लोगों ने गुरुवार, 9 जुलाई को भोर में गंगा-तट पर प्रार्थना की कि निगेटिव रिपोर्ट से कम पॉजीटिव रिपोर्ट आए। यह ईश्वरीय कृपा ही रही कि शाम तक 7 लोग आइसोलेशन सेंटर से मुक्त हुए और पॉजिटिव की रिपोर्ट 6 आई ।
स्वैब टेस्ट फिर होने लगा लखनऊ- अभी तक वाराणसी में स्वैब टेस्ट होता था जो फिर से लखनऊ होने लगा है। लिहाजा सिर्फ एक दिन 8 जुलाई का लगभग 300 टेस्ट रिपोर्ट आना है क्योंकि 9 जुलाई का सैम्पल 10 जुलाई को वाहन से भोर में भेजा गया जो दोपहर तक पहुँचेगा और उसकी रिपोर्ट बाद में आएगी।
पत्रकार राजन गुप्त- पूर्ण स्वस्थ होकर तथा 10 दिनों की मियाद पूरी कर शुक्रवार को मुक्त होंगे। राजन गुप्त का अनुभव है कि कोरोना का असली उपचार तो *काढ़ा* ही है। 10 दिनों के बीच राजन गुप्त इस अवधि में अत्यंत घबराकर आए मरीजों को भरपूर भरोसा भी देते रहे। जिससे मरीजों में आत्मबल भी जागा ।
आधी बीमारी तो आत्मबल से जीती जा सकती है- कोरोना ही नहीं किसी भी बीमारी में यदि आत्मबल बनाए रखे मरीज तो वह बीमारी रूपी शत्रु को जल्द पराजित कर देता है।
अछूतों सा व्यवहार न हो- देखा जा रहा है कि पॉजिटिव मरीजों से अछूतों सा व्यवहार अपने ही लोग करने लग जाते हैं । इस संबन्ध में दूरदर्शन के पत्रकार समीर वर्मा की इस रवैये पर चिंता स्वाभाविक है। संवेदनशील माने जाने वाले लोगों को इस असंवेदना को समाप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।
अनुकरणीय कार्य- आइसोलेशन सेंटर के कुछ अन्य मरीज उस वक्त डॉक्टर रहमान से अभिभूत हो गए जब सेंटर की सफाई के लिए उन्होंने खुद ही झाड़ू उठा लिया । इस सेंटर पर तैनात डॉक्टर जमील और डॉक्टर राकेश पटेल के सद्भाव से मरीजों को सुकून मिल रहा है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।

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