"तीखे तीर" कमल वाजपेई

◆ज़िंदगी में प्यार से सबसे मिलिए मुहब्बत होगी,
अदब से हाँथ उठे खैर सभी की सलामत होगी,
माना कि उसूलों पर चलना सभी का लाज़िम है,
मैं तो मानू, आप तोड़े भाई वाह ! बगावत होगी ।
   ◆ज़ख्म शिद्दत से सहो, टूटो मत, हँसते जायें,
लाख ताकत रखे ज़ालिम, पछाड़, लड़ते हैं,
ज़िंदगी ज़िंदादिली के नाम से जानी जाए,
मुर्दादिल खाट में एड़ी रगड़ के मरते हैं ।
◆~by कमल बाजपेयी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ