गोमाता तड़प रही है और हर कोई पल्लू झाड़ रहा है !

हर काम DM साहब ही करेंगे तो शेष को वेतन लेने का क्या हक है ।
मिर्जापुर । यह गौमाता बीमार हालत में गोवंश-आश्रय स्थल तक जाने के लिए तड़प रही है । इस गाय के लिए राजनीति करनी हो तो बहुतेरे झकाझक नेता वाला ड्रेस पहनकर खड़े मिल जाएंगे लेकिन जब गोमाता नाली में गिरी और मुहल्ले के लोग उसे नाली से निकाल कर अब क्या किया जाए ? कर रहे थे तो सब टालू मिक्सचर पिला रहे थे।
    गो-आश्रय स्थल की देखभाल करने वाली नगरपालिका ने भी हाथ खींच लिया।
   मजबूरन पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ गुप्ता को फोन किया गया । उन्होंने सावन के सोमवती अमावस्या जैसे पवित्र दिवस पर सदर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ उपाध्याय को फोन किया।  पशु चिकित्साधिकारी डॉ उपाध्याय ने पहल कर फोन पर बताया कि वे  खुद 15 मिनट में आ रहे हैं ।
    जब गो-आश्रय वाली गवर्नमेंट में गाय को बचाने में कई घण्टों की मेहनत करनी पड़ रही है तो यदि सामान्य गवर्नमेंट होती तो फिर क्या होता ?
   मजेदार कि लावारिश गाय विन्ध्याचल-कचहरी के मुख्य मार्ग पर स्थित तिवराने टोला में तड़प रही है और इस तड़पन पर सब एक दूसरे को फोन कर पिंड छुड़ा रहे हैं । हर काम DM ही करेंगे तो शेष किसी को वेतन और सरकारी सुविधा लेने का क्या हक है ?
                        सलिल पांडेय, मिर्जापुर।

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