रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश सहित पूरे जनपद में कोविड-19 का कहर जारी है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज निकल रहे हैं। सरकार के दिशा निर्देशों के तहत स्वास्थ्यविभाग तथा प्रशासन आम नागरिकों से मास्कप्रयोग करने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने का निरंतर आग्रह कर रहा है। परंतु आम नागरिक अपने जीवन की परवाह न करते हुए इस अनुरोध पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते रायबरेली सहित पूरे देश में प्रतिदिन हजारों की तादात में कोरोना वायरस संक्रमित मिल रहे हैं।
आपको बता दें कि, ऐसा ही एक नजारा स्थानीय कस्बे में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा तथा जन सुविधा केंद्रों पर देखने को मिला जहां अधिकारियों के बार-बार मना करने के बावजूद भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ने में लगे रहे। बहुतों ने तो मास्क भी नहीं पहन रखा था।
यही हालत जन सुविधा केंद्रों पर भी दिखाई दीया। जहां लोग एक दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने की होड़ में प्रयासरत दिखाई दिये। मजे की बात तो यह रही कि, ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग जब पुलिस को देखते हैं, तो मास्क लगा लेते हैं या फिर मुंह पर गमछा लपेट लेते हैं, जैसे ही पुलिस से दूर होते जाते हैं उनका अपना पुराना रवैया शुरू हो जाता है।
प्रशासन के लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं, कि कैसे आम आदमी को समझाया जाए और उनके जीवन को बचाने का प्रयास किया जाए। क्योंकि स्वयं में आम नागरिक अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्य से दूर भागता नजर आ रहा है। इसलिए क्षेत्र जनपद प्रदेश और देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश सहित पूरे जनपद में कोविड-19 का कहर जारी है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज निकल रहे हैं। सरकार के दिशा निर्देशों के तहत स्वास्थ्यविभाग तथा प्रशासन आम नागरिकों से मास्कप्रयोग करने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने का निरंतर आग्रह कर रहा है। परंतु आम नागरिक अपने जीवन की परवाह न करते हुए इस अनुरोध पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते रायबरेली सहित पूरे देश में प्रतिदिन हजारों की तादात में कोरोना वायरस संक्रमित मिल रहे हैं।
आपको बता दें कि, ऐसा ही एक नजारा स्थानीय कस्बे में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा तथा जन सुविधा केंद्रों पर देखने को मिला जहां अधिकारियों के बार-बार मना करने के बावजूद भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ने में लगे रहे। बहुतों ने तो मास्क भी नहीं पहन रखा था।
यही हालत जन सुविधा केंद्रों पर भी दिखाई दीया। जहां लोग एक दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने की होड़ में प्रयासरत दिखाई दिये। मजे की बात तो यह रही कि, ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग जब पुलिस को देखते हैं, तो मास्क लगा लेते हैं या फिर मुंह पर गमछा लपेट लेते हैं, जैसे ही पुलिस से दूर होते जाते हैं उनका अपना पुराना रवैया शुरू हो जाता है।
प्रशासन के लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं, कि कैसे आम आदमी को समझाया जाए और उनके जीवन को बचाने का प्रयास किया जाए। क्योंकि स्वयं में आम नागरिक अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्य से दूर भागता नजर आ रहा है। इसलिए क्षेत्र जनपद प्रदेश और देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।





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