बिना पर्यावरण के सौहार्द बैठाए पूर्ण विकास नहीं हो सकता-मीनाक्षी नटराजन

 

पर्यावरण संरक्षण पर पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने राष्ट्रीय बेबीनार आयोजित किया-मानवेंद्र पाण्डव

रजनीकांत अवस्थी

 मथुरा: राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन ने राष्ट्रीय वेबीनार में बोलते हुए कहा कि, हमारे सामने बहुत बड़ा प्रश्न यह है कि, हम किस तरीके का विकास चाहते हैं। हमारे लिए विकास के मायने क्या है। हमारे लिए विकास के मायने स्मार्ट सिटी है, बड़ी बिल्डिंग हैं, बुलेट ट्रेन है, सी प्लेन है, या कुछ और  है। आधारभूत संरचना के अलावा कोई और विकास है। हमने यह माना और यह पाया कि, हमारे लिए विकास का मतलब शांति है, खामोशी नहीं, हमारे लिए विकास का मतलब है समावेश, मतलब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की बात को सुना जाना। हमारे लिए विकास का मतलब है,   लोकविकास नवाचार, मतलब विविधता संरक्षण। पर्यावरण के संसाधनों का जो शोषण किया जा रहा है। केंद्र की सरकार के द्वारा वह रोका जाना चाहिए, इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।


      इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि, केंद्र की सरकार इस समय केवल एक ही बात का ध्यान है, उसको केवल कुछ चुने हुए पूंजी पतियों को फायदा पहुंचाना। पूंजी पतियों को को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार किसी भी स्तर तक जा सकती है।    पंचायती राज व्यवस्थाओं के तहत जिन ग्राम सभाओं में कंपनीया अपनी परियोजना लगा रही है, वहां पर पर्यावरण को बिल्कुल नजरअंदाज किया जा रहा है।

     राष्ट्रीय वेबीनार में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राज्य पदाधिकारियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। जिनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष हर्षवर्धन, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण त्यागी, राष्ट्रीय समन्वयक रजनीकांत, प्रदेश जोनल संयोजक मानवेंद्र सिंह पांडव, राजीव सिंह तोमर एडवोकेट, प्रेम शंकर शर्मा, रविंद्र मिश्रा, राजेश त्यागी और यदुराज सिंह पाण्डव आदि उपस्थित रहे।

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