◆सत्यम शिवम सुंदरम, शिव हैं अपने परम ।।
जै ओंकार शिव है प्यारा,
आदि अंत सब तुम में सारा,
शान्त चित्त सबके दुख हरते,
प्यार बहुत हम तुमको करते,
वरद हस्त सिर पर तुम रखना,
सुधरे रहमो करम,
सत्यम शिवम सुंदरम, शिव हैं अपने परम ।।
◆गौरी को लगते शिव प्यारा,
कठिन तपस्या व्रत को धारा,
दक्ष प्रजापति समझ न पाये,
शिव - शक्ति का मिलन तुम्हारा,
देव दनुज सब हर्षित मन से,
मानव पखारे चरन,
सत्यम शिवम सुंदरम, शिव हैं अपने परम
◆हर्षित है मन सब करते नमन, शिव तेरा सहारा,
गौरी अपनाया अद्भुत माया, रूप तुम्हारा न्यारा,
शंकर अविनाशी घट - घट वासी, है पैगाम हमारा,
दुनिया चाहे रूठे, सब जन छूटे, चाहूँ साथ तुम्हारा,
मोह माया के छूटे भरम,
सत्यम शिवम सुंदरम, शिव हैं अपने परम ।।
◆Written by ~ कमल बाजपेई

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