जिले की धड़कन (एक और दो)
गुम डॉक्टर के मामले की नब्ज नहीं आई पकड़ में
यह भूमिगत-2 का मामला है
DM, SP, CMO का खोज अभियान जारी
मिर्जापुर । नब्ज टटोल कर मर्ज बताने वाले सीनियर फिजीशियन की गुमशुदगी के मर्ज का नब्ज पकड़ने की जिम्मेदारी इस वक्त प्रशासन पर आ गई है और टाप-2-बॉटम प्रशासनिक अधिकारी नब्ज टटोल तो रहे हैं पर कामयाबी 72 घण्टे बीत जाने के बाद भी नहीं मिल सकी है।
गंगा हुई ICU
गुमशुदगी का राज खोलने के लिए फिलहाल मां गंगा को ICU मानकर एवं पानी में नाव-जाल फेंककर आपरेशन सोमवार को भी चलता रहा लेकिन बाढ़ की उफनती गंगा सारे प्रयासों पर पानी भी फेर रही हैं और इन प्रयासों को बहा भी ले जा रही हैं।
डॉक्टर की नीयत का अंदाजा
डॉ जेपी त्रिपाठी का मामला फिफ्टी-फिफ्टी (50-50) पर टिका है। वे पानी में कूद भी गए हों या खुद को भूमिगत कर लिए हों, दोनों विन्दुओं पर प्रशासन एक्स-रे कर रहा है। डॉक्टर की नीयत को पूर्व के तमाम वाकयों से को-रिलेट (जोड़ा) किया जा रहा है।
भूमिगत का कारण
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वे पूर्व में भी 3 दिनों के लिए देश-दुनियां की नजरों से वे अदृश्य हो चुके थे। उसे आधार मानकर इस बार के मामले को भी भूमिगत-2 माना जा रहा है।
कार में मोबाइल और पैसा छोड़कर गए जब वे ड्राइवर से कार रुकवाकर एवं शौच की बात बताकर उतरे तब मोबाइल तथा पैसा ड्राइवर के हवाले करके गए। इसके पीछे के कारणों को कुशल मनोवैज्ञानिक ही बता सकते हैं ।
दो कारणों का अनुमान लग रहा है
यदि वे देश-दुनियां, घर-परिवार से ओझल होना चाहते होंगे तो फोन इसलिए दे दिया ताकि कोई लोकेशन न जान सके । मनोवैज्ञानिकों के अनुसार जब कोई खिन्न होता है तब यह नहीं चाहता कि कोई नजदीक से भी नजदीक उससे बात करे और जब वे शौच के बहाने गंगा की शरण में जाना चाह रहे हों तब सब भौतिक-उपकरण छोड़ देने का मन बना लिए हों ।
नजदीकियों का कहना है
ऐसे लोगों का कहना है कि उनके खिलाफ किसी जांच या कोरोना से भयभीत होने की बात अबतक नहीं आई है। अच्छे फिजीशियन थे। परिवार के लोगों की राय पुलिस अधिकारी पहले दिन ले चुके हैं । जिसे पुलिस प्रायः ऐसे मामलों में सार्वजनिक नहीं करती । लिहाजा अंदाजों को अंदाज दिखाने का मौका मिल रहा है।
बेटी डॉक्टर बेटा इंजीनियर
डॉ त्रिपाठी की पत्नी रेलवे के कैंसर हॉस्पिटल में डॉक्टर, बेटी MBBS इंट्रेंसशिप कर रही है। बेटा इंजीनियर । सब कुछ डॉक्टर त्रिपाठी के अनुकूल लेकिन लगता है सुकून उनके प्रतिकूल था, इसलिए फिलहाल वे दूसरी बार अदृश्य हुए हैं । शुभचिंतक पहली बार की तरह फिर प्रकट होने की कामना कर रहे हैं।
CMO तीन दिन से भटौली को टटोल रहे
विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर के मामले में यहां के CMO डॉ ओपी तिवारी दौड़-धूप की रफ्तार ब
बढाकर उन्हें खोज रहे हैं। वे गांव-गांव और पगडंडी तक DM, SP के अलावा भी भागदौड़ करते रहे लेकिन सफलता नजदीक आती नहीं दिखी।
सोमवार को चौकी प्रभारी लगाते रहे पानी में चक्कर पर चक्कर
सोमवार, 24 अगस्त को चौकी प्रभारी, गुरुसन्डी बीपी सिंह पीएसी के नाव से पूरे दिन चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई सुराग का कोई चिह्न उनके हाथ नहीं लग सका ।
धड़कन-2
छोटे बच्चों की सामान्य बीमारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही
मिर्जापुर । कोरोना की चपेट में सोमवार को पुनः 9 साल की बच्ची सहित 60 साल के वृद्ध आए हैं।। रतनगंज में 38 साल की मां और उसके दो बच्चे जिसमें एक 10 साल का बेटा और 9 साल की पुत्री संक्रमित हैं । इसी घर मे 35 साल की एक अन्य महिला भी शामिल है। इस प्रकार 4 लोग एक ही घर से हैं । आकलन यही लग रहा है कि बच्चे सामान्य फ्लू से बीमार हैं लेकिन टेस्टिंग मशीन फ्लू को भी कोरोना मान रही है। पीएसी में एक जवान के घर 19 साल एवं 10 साल के उसके बच्चे संक्रमित हैं । गड़ौली, कछवा में एक ही परिवार के 13 एवं 12 साल के बच्चे, मेहनादपुर में 24 एवं 40 साल के दो लोग, गेगरांव कछवा में 39 साल का पुरुष और 30 साल की महिला, अमरावती विन्ध्याचल में 21 साल की महिला और गोरसर छानबे में 60 साल का वृद्ध चपेट में है।
बच्चों को खांसी-जुकाम सामान्य बीमारी है लेकिन कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आने से परिवार में तनाव व्याप्त हो जा रहा है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।




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