मिर्जापुर ।
★तीज के दूसरे दिन की भोर । ★समय है 4 बजे का ।
★स्थान है नगर के मध्य का त्रिमोहानी चौराहा ।
★स्नानघाट है महिलाओं का प्रमुखघाट पक्काघाट, संकठाघाट और दाऊजी घाट (तीनों एक दूसरे से सटे ।
★प्रतिष्ठान है प्रमुख मिष्ठान्न प्रतिष्ठान विष्णुप्रिया स्वीट भंडार।
माहौल है फिलहाल शांत, एक-दो महिलाएं तीज के पारण के निमित्त स्नान के लिए आती दिख रही है।
★प्रकृति है बड़ी सुहावनी, ठंडी और मन्द मन्द हवाएं चल रही हैं जो मन को प्रफुल्लित कर रही हैं ।
प्रतिष्ठान पर चार-पांच कारीगर जलेबी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं । थोड़ी जलेबियाँ परात में रखी हैं ।
तभी एक सुशिक्षित महिला स्कूटी से अपनी मां के साथ स्नान कर आती है।
विष्णुप्रिया प्रतिष्ठान के मालिक रामेश्वर पाठक से पूछती है आपकी दुकान खुली है और श्रृंगार प्रसाधन की दुकानें सब बंद हैं जबकि तीज पर खुली रहती थी। पूजा के सामान मिल जाते थे।
रामेश्वर पाठक- बहिन जी, यह तो कल DM साहब का आदेश व्रती महिलाओं के पारण के लिए दुकान खोलने का आया, वरना यह भी नहीं खुलती।
महिला- यह काम तो DM साहब ने बहुत नेक किया ।
पाठक- हां, वरना लॉकडाउन के चलते आज शनिवार की बंदी में जलेबी भी कोरोना के भेंट चढ़ जाती।
महिला ने अपना परिचय शिक्षिका के रूप में दिया तथा बताया कि वह विवाह पूर्व यहां एक पब्लिक स्कूल में पढ़ाती थी। अब वह प्रयागराज विवाह के कारण रहती है। तीज पर मायके आई है।
उसने चलते चलते कहा- यहां के DM को मां विंध्यवासिनी और भी यश दें जो उन्होंने व्रती महिलाओं के बारे में नेक निर्णय लिया ।
DM के इस निर्णय में जलेबी सी मिठास पूरे शहर को महसूस हुई।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।




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