महराजगंज/रायबरेली: आजाद भारत के इतिहास में जो दुर्दशा आज किसानों की है, ऐसी दुर्दशा, ऐसा दुर्व्यवहार किसी अन्य सरकारों में देखने को नहीं मिली। अन्नदाता को फसलों के लिए जब पानी की जरूरत थी, तो नहरों में पानी नहीं था, और आज जब यूरिया और डीएपी खाद की जरूरत है, तो किसान रात रात भर सो नहीं पा रहा है। खाद केंद्रों पर किसान तथा बच्चे लाइन लगाए खड़े हैं। पूरा दिन मजदूरी का नुकसान हो रहा है, उसके बाद भी किसानों को खाद मुहैया नहीं हो पा रही है। मौजूदा केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा महंगाई की मार, बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है, चारों तरफ से अगर हमला हो रहा है, तो किसानों और नौजवानों पर हो रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि, देश के अन्नदाता और नौजवानों के साथ यह दुर्व्यवहार क्यों हो रहा है। एक तरफ देश कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ किसान के पैदावार की लूट हो रही है। उसे उसकी पैदावार का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा है। मजदूर को काम नहीं मिल पा रहा है। किसानों के धान की फसलें खाद न मिलने से बर्बाद हो रही है। अन्नदाता पर यह अत्याचार क्यों, समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को मुफ्त पानी देने का काम किया गया, खाद का भंडार आवश्यकता से ज्यादा रहता था। उन्होंने चैलेंज भरे शब्दों में कहा कि, बछरावां विधानसभा में उनके विधायक रहते न किसानों को अपनी आवश्यकताओं के लिए लाइन लगाना पड़ा, और न मजदूरों को काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा और ना ही नौजवान बेरोजगार था, सबको समय पर उसकी आवश्यकता के अनुसार खाद, बीज, बिजली पानी रोजगार मुहैया कराने का काम किया गया है। उक्त उद्गार महराजगंज के बछरावां रोड पर स्थित एक सपा नेता के प्रतिष्ठान पर के पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए हैं।

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