आलू प्याज टमाटर हुआ महंगा गृहस्थी चलाना हुआ दूभर
रजनीकान्त अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: एक तरफ 6 माह से अधिक समय से कोरोना संक्रमण वैश्विक महामारी से आम जनमानस भय के माहौल में जी रहा है। वहीं दूसरी तरफ खाने पीने की वस्तुओं से लेकर आम जीवन के दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं की कीमतों की बेतहाशा आसमान छूती कीमतों से किसान, मजदूर, गरीब, असहाय और मध्यम वर्ग के परिवार का जीवन जीना भी दुश्वार हो रहा है। सरकार और प्रशासन कमरतोड़ महंगाई पर अंकुश लगाने में बेबस नजर आ रही है, और बिचौलिए अड़तियों और कंपनी के द्वारा दामों की बेतहाशा वृद्धि निरंतर जारी है।
आपको बता दें कि, कोरोना संक्रमण काल से पूर्व 10 रुपए किलो वाला आलू अब 30-40 रुपए,15 रुपए किलो वाला प्याज 50-60 रुपए में, लौकी, तोरई, कद्दू 10 वाला 40-50रुपए में,100 रुपए वाला सरसो का तेल 120 से 130 प्रति 900ग्राम में तथा 70 रुपए वाली अरहर की दाल 110 से 120 रुपए किलो खुले बाजारों में बिक रही है।
इसी तरह कंपनियों के मसाले भी कोरोना काल के पूर्व के दामों से अधिक हो गए है। वहीं डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनमानस बेहाल है, और ट्रांसपोर्टिंग चार्ज के कारण महंगाई तेजी से बढ़ रही है।। लेकिन कोरोना काल में सरकार की खाद्य पदार्थों की मूल्य सूची जो जारी की गई थी, उस पर अधिकारियों द्वारा कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। बढ़ोतरी लगातार बदस्तूर जारी है, और आम आदमी को यह महंगाई दीमक की तरह उसकी गृहस्थी को चट कर साफ कर रही है।। आलम तो यह है कि, आम किसान, मजदूर, छुटभैया दुकानदार अपनी जीविका परिवार चलाने में बेबस नजर आ रहे हैं, और सरकारी इमदाद पाने के लिए आस लगाए बैठे हैं।

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