महराजगंज/रायबरेली: भारत सरकार द्वारा नए कृषि विधेयक लाए जाने के सवाल पर बछरावां के पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने इस संवाददाता से बातचीत के दौरान कहा कि, इन विधेयकों के माध्यम से पूरे हिंदुस्तान के किसानों को कारपोरेट जगत का गुलाम बनाने का खेल रचा गया है। जिसमें योगी सरकार कामयाब नहीं होगी। एमएसपी कानून न लागू करना, किसानों के साथ सरासर धोखा है। भंडारण में छूट देने पर सर्वविदित है कि, किसान का घर कच्चा है, एक कोठरी और एक मकान में किसान रहता है, बावजूद अपने घर में भंडारण नहीं कर सकता है। किसान मंडियों में जब अपनी उपज को लेकर जाएगा, तो मंडियों में उसे हफ्ता 10 दिन तक दौड़ाया जाएगा। जिसके बाद मजबूर होकर मंडियों के बाहर लगे टेन्टों में बिचौलियों के माध्यम से औने पौने दामों पर किसान अपनी उपज को बेचने के लिए मजबूर हो जाएगा और यही बड़े-बड़े उद्योगपति किसान की उपज का भंडारण कर लेंगे और जब देश में गायब हो जाएगा, तो यही उद्योगपति उसी अनाज को सोने के भाव बेचने का काम करेंगे, और किसान उद्योगपतियों का गुलाम बन कर रह जाएगा।
आपको बता दें कि, श्री अकेला ने कहा कि, जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की सरकार हवाई अड्डों को बेच रही है, रेल को बेच रही है, बीएल को बेच रही है, उसी तरह हिंदुस्तान की खेती को भी धन्ना सेठों के पास गिरवी रखने का प्लान योगी सरकार ने बना लिया है।
वहीं इस मौके पर मौजूद समाजवादी पार्टी के बछरावां विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज ने कहा कि, उनके विधानसभा क्षेत्र बछरावां के अंतर्गत चारों तरफ यूरिया के नाम पर, पानी के नाम पर, बिजली के नाम पर हाहाकार मचा हुआ है, और जब आज धान की खेती के लिए यूरिया की जरूरत है, नहरों में पानी की आवश्यकता है, ट्यूबवेल चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता है, तो इस किसान विरोधी सरकार में सब गायब कर दिया है। आज पूरे क्षेत्र की सड़कें टूटी हुई है। गरीब कराह रहा है। रिश्वतखोरी, दलाली का माहौल है। इसके लिए समाजवादी पार्टी ने संघर्ष करने के लिए संकल्प ले लिया है और आने वाले समय में हर अन्याय और जुल्म का जवाब हम ईंट का जवाब पत्थर की तर्ज पर देने का काम करेंगे।

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