फटो-पराली न जलाये जाने के लिए डीएम अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
किसान पराली व कृषि अपशिष्ट न जलाये, होगी विधि कार्यवाही-वैभव
पराली जाने वालें किसान व सम्बन्धित अधिकारी पर होगी एफआईआर व विधिक कार्यवाही-वैभव श्रीवास्तव
समस्त ग्राम पंचायतों में पराली व कृषि अवष्टि न जलाने के लिए टीमों का गठन करके गोष्ठी आयोजन व जागरूकता कार्यक्रम किया जाए
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बचत भवन के सभागार कक्ष में पराली न जलाये जाने के सम्बन्ध में घटनाओं को रोकने के लिए बताया कि, किसान पराली एवं कृषि अपशिष्टों को समुचित प्रबन्धन कर कम्पोस्ट खाद तैयार करें, साथ ही पराली को अपने नजदीकी निराश्रित गौशालाओं में उपलब्ध कराये। पराली जलाये जाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार व एनजीटी पूरी तरह से गम्भीर है। पराली व कृषि अपशिष्ट जैसे गन्ने की सूखी पत्ती या फसलों के डंठल इत्यादि भी न जलायें। माननीय राष्ट्रीय हरति न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश में पराली व कृषि अपशिष्ट को जलाये जाने वाले व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुसार अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने के निर्देश है। 2 एकड़ से कम भूमि वाले कृषकों के लिए रू0 2500 प्रति घटना, 2 एकड़ से 5 एकड़ भूमि रखने वाले लघु कृषकों के लिए रू0 5000 प्रति घटना, 5 एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले बडे कृषको के लिए रू0 15000 प्रति घटना है। पराली प्रबन्धन एवं पराली एवं कृषि अपशिष्ट जलाने पर लगने वाले अर्थदण्ड एवं विधिक कार्यवाही के बारे में जागरूकता के माध्यम से बताया जाए। कोई भी व्यक्ति कृषि अपशिष्ट को नही जलायेगा, तथा कृषि अपशिष्ट जलाने पर तत्काल सम्बन्धित थाने पर सूचना दी जायेगी, एवं आर्थिक दण्ड विधिक कार्यवाही करायी जायेगी, के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
आपको बता दें कि, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि, जनपद के कम्बाइन हार्वेस्टर मालिको द्वारा कटाई किये गये खेत में कृषक द्वारा पराली जलाया जाता है, तो कृषक के साथ कम्बाइन हार्वेस्टर मालिक को भी दोषी मानते हुए उनकी मशीन सीज करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट एफ0आई0आर0 एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उसकी मशीन का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जिस गांव में पराली जलाने की घटना होगी, वहाँ के ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सचिव को भी दोषी माना जायेगा, एवं सम्बन्धित के विरूद्ध भी विधिक एवं अन्य दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। जिस कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन में एस0एम0एस0 सिस्टम नही लगा है, तो ऐसे कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन के साथ पैडीस्ट्राचापर, मल्चर या बेलन यंत्रो में से किसी एक यंत्र का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जायेगा। इन यंत्रो के प्रयोग के बिना फसल कटाई करने पर कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन सीज कर दी जायेगी, और तब तक नही छोड़ी जायेगी जब तक उसमें एस0एम0एस0 सिस्टम न लगा दिया जाए। साथ ही हारवेस्टर मशीन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया जायेगा। जिसमे हारवेस्टर मालिक स्वंय जिम्मेदार होगे।
पराली जलाये जाने की घटना होने पर सम्बन्धित कृषक के विरूद्ध अर्थदण्ड एवं विधिक कार्यवाही के साथ ही हैसियत व चरित्र प्रमाण निरस्त, कृषि विभाग व अन्य शासकीय लाभो से वंचित कर दिया जायेगा जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। जनपद के नगर पालिका ईओं सहित समस्त ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित करे कि जनपद सहित ग्रामों में पराली के अलावा किसी भी प्रकार का कूड़ा करकट जलाना प्रतिबन्धित है। ग्राम पंचायतों में मुनादी एवं बैठक कराके समस्त ग्रामवासियो को सूचित करे अगर इसके बाद भी किसी किसान द्वारा पराली जलायी जाती है, तो सम्बन्धित उपजिलाधिकारी द्वारा पराली जलाने पर किसानों के विरूद्व एफ0आई0आर0 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुये सम्बन्धित से नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही कर वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा वसूली कर वसूली की धनराशि को पर्यावरण के निर्धारित लेखाशीर्षक मे जमा किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने पराली और कृषि अपशिष्ट न जलाने पर तहसील व विकास खण्ड, ग्राम स्तरों पर एनसीसी, स्काउड व छात्र-छात्राओं के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर आम आदमी को जागरूक भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि, पराली और कृषि अपशिष्ट में तहसील महाराजगंज व सलोन के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रखा जाए। पराली व कृषि अपशिष्ट जलाये जाने पर किसान व सम्बन्धित के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि, जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में टीमों का गठन करके गोष्ठी व जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। गांव-गांव में जाकर प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि, पराली जलाने पर पूरी तरह से शासन द्वारा पाबंदी लगाई गई है। शासन के निर्देशानुसार जनपद में पराली जालाए के संबंध में कड़ाई से अनुपालन भी कराया जा रहा है।





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