फोटो-डीएम गोवंश आश्रय स्थल पर गोशाला अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की बैठक करते हुए
डीएम ने गोवंश आश्रय स्थलों आदि कार्यो में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न पाये जाने पर बीडीओ, ईओ आदि अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार
गोशाला अनुश्रवण मूल्यांकन समिति बैठक में अधिकारियांे गौवंश केन्द्रों कों समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने व प्रभावी तरीके से चलाये-वैभव
ठण्ड को देखते हुए गोवंश केन्द्रों पर समुचित व्यवस्थाए रखे दुरूस्त-डीएम
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में निराश्रित/बेसहारा गौवंशीय पशुओं के संरक्षण हेतु मनरेगा योजनान्तर्गत निर्मित हो रहे आस्थायी, गोवंश आश्रय स्थल, जिला पंचायत स्तर से निर्मित हो रहे कांजी हाउस गोविन्दपुर विलौली, वि0ख0 लालगंज, उमरन वि0ख0 रोहनिया एवं नगर पंचायतों द्वारा निर्माणाधीन कान्हा उपवनों ऊँचाहार, नसीराबाद, परदशेपुर, बछरावा, सलोन के साथ दो वृहद गौ संरक्षणों केन्द्र सेंहगोखानपुर, विकास खण्ड बछरावां एवं सिद्वौरतारा विकास खण्ड सरेनी की प्रगति व गौवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित पराली, मनरेगा योजनान्तर्गत कराये गये कार्यो में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर समस्त बीडीओं, नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगते हुए चेताया तथा निर्देश दिये कि, समयबद्ध तरीके से यदि कार्यो में शिथिलता पाई गयी, तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
आपको बता दें कि, डीएम बचत भवन सभागार में गोवंश आश्रय स्थल से सम्बन्धित जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने समस्त एसडीएम, ब्लाकों के विकास खण्ड अधिकारियों एवं नगर पंचायत तथा जिला पंचायत स्तर पर बने गौसंरक्षण केन्द्र व बन रहे गौसंरक्षण केन्द्रों को प्रभावी तरीके से संचालित करें। बढ़ती हुई ठण्ड को देखते हुए गौवंश केन्द्रों पर समुचित व्यवस्थओं को दुरूस्त रखा जाए, व किसी भी दशा में जनपद में गौवंश निराश्रित न घूमता मिले।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बैठक में उपस्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित समस्त अधिकारियों को कहा कि, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये अन्य विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल कार्य को पूर्ण किया जाये, उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि, यह मुख्यमंत्री जी की अत्यन्त महात्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरते। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा होने वाली बैठकों में प्रमुख रूप से गौवंश संरक्षण केन्द्रों के बारे में जानकारी ली जाती है। ऐसा न हो कि, अधूरी जानकारियां देने पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई कार्यवाही की जाये। इससे अच्छा या होगा कि, समय रहते हुए अपने-अपने कार्यो के दायित्वों का निर्वहन करते हुए गौवंश संरक्षण केन्द्रों को पूर्ण करा लें और निराश्रित पशुओं को उसमें रखा जाये। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि, समय-समय पर एसडीएम, ईओ, नोडल अधिकारी अपने-अपने केन्द्रों निरीक्षण करते है तथा जो भी कमियां पाई जाये उसे बाते हुए कमियों को दूर कराया जाये।
जिलाधिकारी ने ठण्ड को देखते हुए यह भी कहा कि, पशु केन्द्रों पर गौवंश सुरक्षित रहे ठण्ड से उनका बचाव रहे इसके लिए गौवंश के इर्द-गिर्द अलाव की व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखा जाये। उनके चारा, पानी आदि में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे। जो गौशालय निर्माणाधीन है, उन्हें शीघ्र ही पूर्ण कराकर उनमें गौवंशों को रखा जाये। ग्राम प्रधानों दानदातों, किसानों आदि से गौवंश केन्द्रों में चारा हेतु पराली, भूसा आदि दान करने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि, कस्बों में आवारा सांड घूमते मिले तो नियामानुसार कार्यवाही करें और जो गौवंश मिले उन्हें गौशालयओं में पहुचाकर तथा उसका संरक्षण किया जाये। संरक्षित गौवंशों को ठण्ड से बचाव की समीक्षा करते हुए उचित दिशा निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आदि अधिकारों को दिये।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 गजेन्द्र प्रताप सिंह डीपीआरओ, मनरेगा पवन कुमार, एडी सूचना प्रमोद कुमार, समस्त एसडीएम, खण्ड विकास अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत अधिकारी एव जनपदस्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।






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