महराजगंज/रायबरेली: हिलहा गांव के अजय सिंह उर्फ मोनू हत्याकांड में जेल की हवा काट रहे अभियुक्तों के खिलाफ मृतक के पिता ने तहसील जाकर अभियुक्तों द्वारा ग्राम समाज की जमीनों, चकरोडों और चरागाह की जमीन हथियाने और उन पर निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए, सरकारी जमीनों को मुक्त कराने के साथ-साथ अवैध कब्जेदारो को भू माफिया घोषित करने की मांग की है।
आपको बता दें कि, हिलहा गांव के रहने वाले अजय सिंह उर्फ मोनू पुत्र बालिकरन सिंह के ऊपर विगत 8 नवंबर को बबूल की टहनी काटने के विवाद में कुल्हाड़ियों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। अजय सिंह उर्फ मोनू की मौत 3 दिन बाद 11 नवंबर 2020 को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान हो गई थी। मामले में मृतक अजय सिंह उर्फ मोनू के भाई रोहित सिंह द्वारा दी गई तहरीर में काशी बक्स सिंह, उनके दो लड़कों कुलदीप और संदीप के साथ-साथ जगजीवन, जगदीश सिंह और अमरजीत सिंह के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। घटना के बाद तनाव इतना बढ़ गया था कि, एसडीएम महराजगंज विनय मिश्रा और सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी भारी पुलिस बल के साथ गांव में 24 घंटे तक डटे रहे, और पुलिस की मौजूदगी में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था। मामले में पुलिस ने नामजद कई अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। किंतु मामले में आग अभी सुलग रही है। इसी मामले को लेकर मृतक के पिता बलिकरन सिंह पुत्र देवता सिंह ने तहसील जाकर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह को 9 सूत्रीय ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि, ग्राम समाज की गाटा संख्या 74, 79, 83, 365, 367, 440, 442, 443 जिनमें 79 खलिहान है, इस पर विपक्षी गणों द्वारा बोरिंग करवा रखी गई है। वहीं भूखंड संख्या 74 आबादी की सुरक्षित भूमि है, जिस पर अभियुक्तों ने मकान निर्माण कर रखा है। जबकि भूखंड संख्या 83 चक मार्ग है, इस पर भी अवैध निर्माण है। भूखंड संख्या 365 चकरोड है, जिस पर अभियुक्त खेती कर रहे हैं। इसी प्रकार 367 भी चकरोड है, इस पर भी प्रतिपक्षीगणों ने खेती कर रखी है। जबकि भूखंड संख्या 440 चारागाह है, इस पर भी प्रतिपक्षीगण खेती कर रहे हैं। इसके अलावा 442 और 443 दोनों चरागाह है, इस पर भी प्रतिपक्षीगण खेती कर रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि, अभियुक्त जगजीवन सिंह द्वारा नसबंदी कराने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर ग्राम समाज की जमीन का पट्टा करा लिया गया है। इसके साथ ही गाटा संख्या 354 जोकि नाली है, उसको पाटकर अभियुक्तों ने अपने कब्जे में कर रखा है। ज्ञापन में काशी बक्स सिंह उनके भाई हजारी सिंह तथा जगजीवन सिंह आदि को आरोपित किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि, सभी भूखंडों पर जांच कराकर यदि विपक्षी दलों का कब्जा पाया जाता है, तो यह कब्जा तत्काल प्रभाव से हटवा कर जमीन खाली कराई जाए, तथा कब्जा करने वालों के खिलाफ भू माफिया एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उन्हें भूमाफिया घोषित किया जाए। तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने ज्ञापन दाताओं को आश्वस्त किया कि, मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।






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