बछरावां थाना अध्यक्ष राकेश सिंह और थुलेंडी पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल सिंह की चहुंओर हो रही सराहना।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आखिरकार बलई मऊ खून खराबे कांड में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर चली खबरों का असर सामने आया। जबकि बछरावां के निष्पक्ष और दबंग कार्यशैली के लिए मशहूर तेजतर्रार थाना प्रभारी राकेश सिंह को जोश आ गया और उन्होंने आज मामले में नामजद दो और अभियुक्तों को दिन में दबोच कर सीकचों के पीछे कर दिया। थानाध्यक्ष की इस कार्यवाही का पूरे क्षेत्र की जनता स्वागत कर रही है। वहीं सफेदपोशों के संरक्षण में पल रहे गुंडों में भय व्याप्त हो चला है।
आपको बता दें कि, विगत 15 अक्टूबर की रात बलई मऊ गांव के भाजपा बूथ अध्यक्ष पंकज बाजपेई के घर पर दर्जनों असलहे धारी बदमाशों ने घर को घेर कर परिजनों पर कातिलाना हमला बोल दिया था। घटना में पंकज बाजपेई की भाभी श्रीमती सीमा बाजपेई का दाहिना कान हथियारों से वार करके अलग दिया था। वहीं उनकी पुत्री शालिनी की नाक काटने की कोशिश भी की थी। हमले में सीमा देवी और शालिनी के अलावा उनके पिता सुशील कुमार, सुनील कुमार, दिलीप कुमार और पंकज कुमार गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था। इनमें से सीमा देवी को लखनऊ ट्रामा सेंटर भी रेफर किया गया था। मामले में हद तो तब हो गई जब मामले की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचे सुशील बाजपेई, दिलीप बाजपेई और दीपेंद्र को पुलिस ने थाने में ही बैठा लिया था, और उनके खिलाफ दबंगों की ओर से फर्जी एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया था। यही नहीं गंभीर रूप से घायल इन तीनों लोगों को इलाज तक कराने की मोहलत नहीं दी गई थी। क्योंकि घटना वाले अगले दिन रायबरेली जिले में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का कार्यक्रम लगा था। इसी दौरान रायबरेली जिला अस्पताल में भर्ती पंकज कुमार बाजपेई रक्तरंजित कपड़ों के साथ उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, और पुलिस अधिकारियों, मीडिया के सामने उन्होंने पूरी घटना बयां कर दी।
इसके बाद अधिकारी और मीडिया मामले की तह तक पहुंच गए। आनन-फानन घायल सुशील, दिलीप और दीपेंद्र को पुलिस ने मेडिकल के लिए भेजा और फर्जी हरिजन एक्ट भी खारिश किया गया। यही नहीं सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी की सक्रियता से जांच में जुट जाने के बाद मामले में उचित धाराओं में मुकदमा लिखा गया, और नामजद अभियुक्तों में कईएक को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन तीन अभियुक्त उसके बाद आराम से घूम टहल कर पीड़ित परिवार को तरह-तरह की धमकियां देते थे।
मामले में पीड़ित परिवार ने पुनः संपूर्ण समाधान दिवस पर आकर अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी से इस बात की शिकायत की। मामले में सोशल मीडिया ने बढ़ चढ़कर पूरा मामला उजागर किया, तो पुलिस हरकत में आ गई। थानाध्यक्ष बछरावां ने तेजतर्रार चौकी इंचार्ज अनिल कुमार सिंह के साथ मिलकर आज दिन में लगभग 11:00 बजे हरदोई गांव के निकट पुलिया के पास छिपे बैठे दीपक सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह और दीपू सिंह उर्फ महेंद्र को उस समय गिरफ्तार कर लिया जबकि वह मामले में सरेंडर करने की रणनीति बनाने के लिए कहीं किसी से मिलने जा रहे थे।
पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्यवाही से सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में पल बढ़ रहे अपराधियों में खलबली मच गई है। लोगों का कहना है कि, जब तक क्षेत्र में राकेश सिंह और अनिल कुमार सिंह जैसे तेजतर्रार न्याय प्रिय पुलिस अधिकारी है, गुंडों से डरने की किसी को कोई जरूरत नहीं है। वहीं पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है।

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