विधायक के दखल देने पर रुकने से बचा ली गई महर्षि बाबा ओरी दास की तपोस्थली पर लगने वाले मेले की परंपरा।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: आखिरकार मोन गांव में सैकड़ों वर्षो से बाबा ओरी दास की तपोस्थली पर बसंत पंचमी को लगते आए विशाल मेले का आयोजन राजनैतिक द्वंद के चलते रुकने से बचा लिया गया। क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत और भाजपा नेता विद्यासागर अवस्थी एडवोकेट, ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह के दखल देने के बाद बीच का रास्ता निकाला गया, और परंपरा के अनुसार बसंतोत्सव के मौके पर हर साल आयोजित होने वाले इस पवित्र और प्रसिद्ध मेले के आयोजन का क्रम जारी रहने की स्थितियां बन ही गई। जिसका मोन गांव वालों ने ही नहीं आसपास के भक्तों श्रद्धालुओं ने गदगद होकर स्वागत किया है। मामले में खींचातानी के चलते मेला स्थल पर सैकड़ों की तादात में दूरदराज से आए दुकानदारों को भी राहत मिल गई। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा रविवार की रात दुकानदारों को हटाए जाने के मामले में भी विधायक ने कड़ा तेवर दिखाते हुए पुलिस जनों को भी फटकार लगाई। जिससे क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

     आपको बता दें कि, महर्षि बाबा ओरी दास की तपोस्थली पर हर साल वसंतोत्सव के दिन से विशाल मेला लगने का क्रम 100 वर्षों के अधिक समय से लगातार चलता आया है। जानकार लोगों का कहना है कि, तपोस्थली परिसर में यहां विभिन्न प्रकार के रोजमर्रा की वस्तुओं का विशाल मेला तो लगता ही था, साथ में बच्चों के मनोरंजन हेतु झूले व अन्य प्रकार के आयोजन भी होते थे। लगभग 25 वर्षों से विशाल दंगल का भी सिलसिला शुरू हो गया था। जिसमें प्रदेश स्तर तक के पहलवान आकर अपना दांवपेच दिखाते थे। 

    मेला कमेटी में प्रायः ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत कमेटी के लोगों का विशेष योगदान रहता था। मेले में क्षेत्र ही नहीं जनपद और प्रदेश स्तर तक के दुकानदार आते थे। वहीं हजारों की भीड़ उमड़ती थी। पहले यह मेला 2 दिनों तक ही चलता था, किंतु जानकारों की माने तो 10 वर्ष पूर्व श्याम चंद्र सिंह उर्फ श्यामू की प्रधानी के दौरान इसे बढ़ाकर 5 दिनों का कर दिया गया था। तब से इसकी भव्यता और भी बढ़ गई थी। लेकिन वर्तमान समय में आगामी पंचायती चुनाव को लेकर गांव में राजनीतिक उठापटक के चलते मेला आयोजन अपने हाथों में लेने की बात को लेकर दो पक्षों में टकराव की स्थिति बन गई। एक पक्ष जहां वर्तमान ग्राम प्रधानी के बल पर अपना कब्जा जमा रहा था, तो दूसरे पक्ष का कहना था कि, प्रधानी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। मेले में किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। जिसके चलते पुलिस प्रशासन भी संभावित टकराव को लेकर चौकन्ना हो उठा, और पुलिस ने मेले के आयोजन को टालने का भरसक प्रयास कर, शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला भी दिया।

      इसी क्रम में बीते रविवार की रात पुलिस बल मंदिर परिसर पहुंचा और दुकानदारों को हड़काते हुए दुकानें ले जाने का फरमान सुना दिया। इस बात की शिकायत व्यापारियों ने पूर्व प्रधान प्रतिनिधि दिलीप सिंह अन्नू सिंह आदि से की, तो दिलीप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने पूरी बात ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह और क्षेत्रीय विधायक रामनरेश रावत को बता दी। जिस पर सत्येंद्र प्रताप सिंह ब्लाक प्रमुख महराजगंज और बछरावां विधायक रामनरेश रावत ने नीलू सिंह, विद्यासागर अवस्थी और प्रभात साहू के साथ मेला परिसर पहुंचे, और व्यापारियों ने अपना दुखड़ा विधायक के सामने बताया। वहीं भक्तों, श्रद्धालुओं ने भी विधायक से मामले में हस्तक्षेप करके सैकड़ों वर्षो की चली आ रही परंपरा को बचाने का अनुरोध किया। विधायक ने गांव के संभ्रांत लोगों और जिम्मेदार लोगों को बुलाकर मैराथन बैठक की। अंत में यह तय हुआ कि, मेले का आयोजन किसी एक पक्ष की अगुवाई में ना होकर सामूहिक रूप से गांव के निष्पक्ष और प्रभावशाली लोगों के द्वारा की जाएगी। ताकि परंपरा भी बनी रहे, और गुटबाजी हावी न हो। इसका सभी लोगों ने स्वागत किया, और दुकानदारों को दुकानें मेले में ही रख कर सुचारू रूप से से मेला कराने कराने को हरी झंडी मिल गई।

      इसी क्रम में विधायक ने कोतवाल शरद कुमार को बुलाकर उन्हें हिदायत दी कि, मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की जाए। व्यापारियों और मेला दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी ना हो। विधायक के साथ नीलू सिंह, अन्नू सिंह, दिलीप सिंह, विद्यासागर अवस्थी एडवोकेट, क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू और भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह, शारदा शरण पांडेय, डॉक्टर एमडी पासी, शैलेंद्र प्रताप उर्फ राहुल साहू समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे। इस निर्णय के बाद नीलू सिंह, दिलीप सिंह, अन्नू सिंह समेत विद्यासागर अवस्थी एडवोकेट, ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह व जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू के प्रयासों की सर्वत्र सराहना हो रही है।

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