रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद गरीब दलित महिला का नाम काटकर यह लाभ उस व्यक्ति को दिलाने, जो गांव में विगत 20 साल से गांव नहीं रह रहा है, उसको आवास दिए जाने की शिकायत को लेकर पीड़ित महिला ने अपने पति के साथ एसडीएम से मिलकर शिकायती पत्र दिया है। जिसमें मांग की गई है कि, उसके स्थान पर बाहर रह रहे अपात्र व्यक्ति को, यह जाने वाला आवास निरस्त कर पुनः उसे ही आवास दिया जाए।
आपको बता दें कि, ब्लॉक क्षेत्र के गांव पिपरतलिया मजरे दौतरा की रहने वाली चंद्रकला और उसके पति कल्लू रैदास ने उप जिलाधिकारी सविता देवी से मिलकर एक शिकायती पत्र देकर गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन में घोर अनियमितता बरतने तथा चुनावी फायदे के लिए नियम कानूनों को दरकिनार रखते हुए पात्र लोगों का नाम पात्रता सूची से काटकर अपात्रों को आवास दिलाने का आरोप लगाया है।
अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि, इस बार की लाभार्थियों की पात्रता सूची में चंद्रकला का नाम काफी ऊपर था, क्योंकि वास्तव में चंद्रकला बेहद गरीब तथा छप्पर के नीचे निवास कर रही है। बावजूद इसके ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने आपस में सांठगांठ करते हुए चंद्रकला का नाम ही पात्रता सूची से कटवा दिया, तथा उसके स्थान पर भगवानदीन नाम के व्यक्ति को पात्रता सूची में डालकर, जो आवास चंद्रकला को मिलने वाला था, वह भगवानदीन को आवंटित करा दिया। यह भी आरोप है कि, भगवानदीन नाम का यह व्यक्ति 20 साल पहले गांव छोड़कर कहीं और चला गया था। अब ना उसका मकान गांव में है, और ना ही जमीन।
शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम से मांग की है कि, मामले की गहनता से जांच कर अपात्र व्यक्ति को दिए गए आवास को निरस्त करा कर यह आवास पुनः उन्हें आवंटित कराया जाए, तथा ऐसा गलत काम करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जांच करवा कर उन्हें दंडित भी किया जाए।
उधर दूसरी ओर निवर्तमान ग्राम प्रधान गया प्रसाद मौर्य का कहना है कि, आवास आवंटन में उनका कोई रोल नहीं है। आवास आवंटन में विभिन्न टीमों द्वारा जांच प्रक्रिया के बाद ही लाभार्थी को आवास आवंटित किए जाते हैं। जहां तक उनके संज्ञान में आया है कि, वर्ष 2005 और 10 के बीच की योजना में चंद्रकला के पति कल्लू को आवास आवंटन का लाभ मिल चुका है। उन्होंने चंद्रकला और उनके पति द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।



0 टिप्पणियाँ