नीरज शुक्ला के मैदान में आने के बाद चुनावी माहौल हुआ एक तरफा।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: पंचायती चुनाव के तिथियों की घोषणा भले ही अभी ना हुई हो, लेकिन आरक्षण की सूची जारी होने के बाद गांव में चुनावी फ़िजा बहने लगी है। संभावित प्रत्याशी अपने अपने पक्ष में जनसमर्थन जुटाने के लिए दिन रात जुटे हुए हैं। इसी क्रम में सतांव विकासखंड की गांव सभा लोहड़ा में प्रधानी का चुनाव चरम पर है।


   आपको बता दें कि, विगत चुनाव में लोहड़ा ग्राम पंचायत पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित की गई थी। इसलिए सामान्य और अनुसूचित जाति के लोग चुनाव लड़ने से वंचित रह गए थे। आपको यह भी बता दें कि, इस ग्राम पंचायत में नौ पुरवे लगते हैं, यहां की आबादी लगभग 4000 है। जिसमें मतदाताओं की तादाद ताजी मतदाता सूची के अनुसार 2661 है। जिनमें पिछड़ी जाति की आबादी लगभग 40 फ़ीसदी है, जबकि सामान्य और अनुसूचित जाति के 30, 30 फ़ीसदी लोग रहते हैं।


    इस बार जब आगामी चुनाव के लिए आरक्षण तय किया गया, तो सीट को अनारक्षित घोषित किया गया। जिससे सभी लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिल गया। फलस्वरूप कई दावेदार उभर कर सामने आ गए। लेकिन सबसे खास बात यह है कि, गांव के मतदाताओं ने इस बार पंचायत की बागडोर युवा प्रत्याशी नीरज शुक्ला उर्फ रज्जन पुत्र कमलेश चंद्र शुक्ला निवासी पुरे दुबेपुर के हाथ में सौंपने का पहले से ही मन बना लिया है। गांव वालों ने आपस में सलाह मशवरा करके नीरज शुक्ला का नाम बहुमत से तय करते हुए उनसे संपर्क किया और प्रधान पद के चुनाव लड़ने के लिए आग्रह किया है।

     गांव वालों का मानना है कि, यदि नीरज शुक्ला जैसे युवा, तेजतर्रार, मेहनती और ईमानदार के हाथ में ग्राम प्रधानी की सत्ता की कमान सौंपी जाती है, तो निश्चित रूप से बहुत दिनों से विकास की दौड़ से दूर लोहड़ा ग्राम पंचायत विकास की मुख्यधारा में जुड़ जाएगी, और गांव की तकदीर के साथ-साथ गांव की तस्वीर भी बदल जाएगी।


     इसी क्रम में नीरज शुक्ला को प्रधानी लड़ने के लिए रजामंद करने के बाद अब मतदाता स्वयं ही प्रचार में जुट गए हैं। गांव में नीरज शुक्ला के मैदान में आ जाने पर माहौल ही बदल गया है। शुरुआती दौर में ही नीरज शुक्ला ने मतदाताओं के दिलों पर जिस प्रकार कब्जा कर लिया है, अब उनका प्रधान बनना लगभग तय हो गया है।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ