रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आगामी जिला पंचायत चुनाव के मद्देनजर सरगर्मियां तेज हैं। इनमें सर्वाधिक महराजगंज प्रथम वार्ड चर्चा में है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कई बड़े नामों की चर्चा तो चल ही रही थी, इसी में एक नाम और सुर्खियों में आ गया है, जो सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खेमे से जुड़ा है। यह नाम भाजपा के प्रांतीय परिषद सदस्य मातादीन पासी का है। जिन्होंने भाजपा और संघ के जिम्मेदार पदाधिकारियों के समक्ष अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते हुए यहां से चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी है, और वह लगातार अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क कर रहे हैं।
आपको बता दें कि, महराजगंज प्रथम क्षेत्र जिस पर अभी तक वरिष्ठ भाजपा नेता प्रभात साहू काबिज रहे हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने तत्कालीन प्रत्याशी जिला पंचायत अध्यक्ष को भारी मतों से हराकर यह सीट जीती थी, और इस बार सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद जिले के बड़े-बड़े दलित नेता यहां से अपनी किस्मत आजमाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इनमें कई पूर्व विधायक व उनके परिजनों के नाम चर्चा में है।
विगत दो-तीन दिनों से एक नया नाम भी चर्चा में आ चुका है, जो मातादीन पासी का है। जिन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष को प्रेषित आवेदन पत्र की छाया प्रतियां पत्रकारों को देते हुए बताया कि, वर्तमान में वह भाजपा के प्रांतीय परिषद के सदस्य हैं, तथा 2012 में बछरावां विधानसभा से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वे इसी सीट पर 2010 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े थे, और महज 173 वोटों से पीछे रहे गए थे।
एमडी पासी ने यह भी बताया कि। उन्होंने भाजपा में अपना राजनीतिक सफर 1990 में शुरू किया। वे पहली बार मंडल मंत्री बनाए गए। वहीं 1993 में उन्होंने महराजगंज मंडल की सदस्यता के प्रमुख का काम किया था। 1996 में वे महराजगंज मंडल के भाजपा उपाध्यक्ष भी बनाए गए। इसके साथ ही वर्ष 2000 में वह अनुसूचित मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष तथा 2005 में भाजपा के मंडल अध्यक्ष और 2013 से आज तक प्रांतीय परिषद के सदस्य का दायित्व संभाल रहे हैं।
डॉक्टर एमडी ने कहा कि, इसके अलावा भी वह सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय रहे हैं, और मोन उनका पैतृक गांव है। डॉक्टर एमडी पासी के समर्थकों का दावा है कि, यदि इस बार पार्टी ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर यहां से चुनाव लड़ाया, तो निश्चित रूप से वह पार्टी का परचम लहरा कर दम लेंगे।

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