खैरहना ग्राम सभा में नियम विरुद्ध मतदाता सूची में संशोधन का मामला।
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: सदर तहसील के अमावा विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा खैरहना में तैनात लेखपाल रामानुज दीक्षित को चुनाव में गड़बड़ी करने के आरोप में उप जिलाधिकारी सदर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, साथ ही मामले में राजस्व निरीक्षक की भूमिका को लेकर भी जांच तहसीलदार सदर को सौंपी है। इस तरह निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को लेकर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
आपको बता दें कि, विगत 2 मार्च को ब्लॉक से मतदाता सूची मिलने के बाद बड़ी संख्या में खैरहना ग्राम सभा में मतदाताओं का नाम कटा हुआ था, साथ ही काफी संख्या में मतदाता नए रूप में जुड़े भी गए थे। जिस पर गांव निवासी आफताब अहमद, अजमल खान, संतोष यादव, राजू खान समेत काफी संख्या में ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की शिकायत एसडीएम सदर से की थी। जिसके बाद उपजिलाधिकारी अंशिका दीक्षित के निर्देश पर तहसीलदार न्यायिक शालिनी तोमर और नायब तहसीलदार रितेश सिंह ने जब मामले की जांच की, तो शिकायत सही पाई गई।
जांच के दौरान 25 मतदाता गलत ढंग से जीवित को मृत दिखाकर, अविवाहित को विवाहित दिखाकर और ग्राम सभा के निवासियों को बाहर का निवासी बता कर उनके नाम अपमार्जित किए गए थे। इस तरह नियम विरुद्ध तरीके से मतदाता सूची में संशोधन की घटना प्रमाणित होने के बाद काटे गए मतदाताओं को पुनः जोड़ दिया गया, और इसके साथ ही एसडीएम सदर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय लेखपाल रामानुज दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा उप जिलाधिकारी ने इस मामले में राजस्व निरीक्षक की भूमिका की भी जांच का आदेश तहसीलदार सदर को दिया है।
उधर इस कार्रवाई की खबर मिलते ही ग्रामीणों में भारी प्रसन्नता देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी सदर अंशिका दीक्षित, तहसीलदार न्यायिक शालिनी तोमर और नायब तहसीलदार रितेश सिंह का आभार व्यक्त किया है, और कहां है कि ऐसे ही न्याय प्रिय अधिकारियों की आवश्यकता है, जिससे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सके।

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