रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरहना ग्राम सभा पिछले कई दिनों से हाई अलर्ट पर चल रहा है। निवर्तमान प्रधान द्वारा मतदाता सूची में की गई गड़बड़ी के आरोप में कई सरकारी कर्मचारी निलंबित हो चुके हैं। उसके बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब इसी गांव में मतदान के दूसरे दिन वोट नहीं देने को लेकर प्रधान और उसके समर्थकों द्वारा दलित की पिटाई का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि, जानकारी के अनुसार दलित के साथ मारपीट की यह घटना रात लगभग 8 बजे हुई है। पीड़ित वीरेंद्र पासवान का आरोप है कि, निवर्तमान प्रधान पुत्र साहिल पुत्र गफ्फार अली, मंसूर अली पुत्र मकसूद अली, रज्जन पुत्र अब्बास अली, अनीस पुत्र इंसान अली ने वोट न देने को लेकर पहले जातिसूचक गालियां दी, उसके बाद लात घूसों से बुरी तरह मारा-पीटा। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर कर दी। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की और थाने आकर तहरीर देने को कहा।
पीड़ित के अनुसार जब वह सुबह थाने पहुंचा तो वहां प्रभारी निरीक्षक ने मामला सीओ के स्तर का बताकर शिकायत उनके पास भेज दी। उधर इस संबंध में जब क्षेत्राधिकारी महराजगंज से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि, घटनास्थल पर पुलिस को भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की बात उन्होंने कही है।
गौरतलब है कि, पंचायत चुनाव को लेकर महराजगंज थाना क्षेत्र के अमावा ब्लाक में पिछले कई दिनों से छिटपुट घटनाएं चल रही है। कई मामलों में पुलिस को शिकायत पत्र भी दिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार घटना को मामूली बताकर पुलिस कोई कार्रवाई न करके जांच पड़ताल के नाम पर अपना पल्ला झाड़ रही है। इसीलिए लगातार क्षेत्र में चुनावी रंजिश को लेकर वाद विवाद की स्थिति बनी हुई है। जिनका संज्ञान लेकर पुलिस द्वारा तत्काल सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। अन्यथा यही छोटी-छोटी घटनाएं भविष्य में किसी बड़ी वारदात का रुप ले सकती हैं।

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