रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना महामारी से निपटने के लिए अब लोगों ने प्राचीन भारतीय पद्धतियों का सारा लेना शुरू कर दिया है। लोग वेदों और पुराणों में उल्लिखित नुक्सो का प्रयोग कर वातावरण को शुद्ध करने के लिए हवन का आयोजन कर रहे हैं।
(फाइल फोटो एसके इंडिया न्यूज़)
आपको बता दें कि, जब से वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि, कोरोनावायर अब हवा के जरिए फैल रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा बहुत बढ़ गया है। इस पर आयुर्वेदाचार्यो ने आम जनमानस से अपील की है कि, वातावरण में उड़ रहे कोरोनावायरस को नष्ट करने के लिए वातावरण को शुद्ध करना ही एक उपाय है, और लोगों से अपील की गई है कि, लगातार तीन दिन प्रातः 10:00 खुले स्थानों पर हवन करें।
(फाइल फोटो एसके इंडिया न्यूज़)इसी क्रम में महराजगंज कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में जगह जगह लोगों ने मंगलवार की सुबह 10:00 बजे अपने अपने घरों के सामने खुले स्थान पर हवन किया। कस्बे के आर्य नगर की रहने वाली अनुपमा पांडेय ने बताया कि, उन्होंने वैदिक रीति से हवन सामग्री जिसमें नीम की पत्तियां, सरसों के बीज, गुग्गुल, कपूर, हवन सामग्री, सेंधा नमक, गुड और देसी घी आदि का मिश्रण करके 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करते हुए हवन कुंड में समिधा की आहुतियां की। जिससे वातावरण काफी सुगंधित हो गया। इसी प्रकार महराजगंज कस्बे में सैकड़ों लोगों ने अपने अपने आवासों पर इसी प्रकार का हवन किया है।



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