रायबरेली: सलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक और एक बार समाज कल्याण राज्य मंत्री रहे दल बहादुर कोरी का लखनऊ के एक अस्पताल में गुरुवार की देर रात निधन हो गया। बताया जाता है कि, वह कोरोना से पीड़ित थे। सर्व समाज के बीच वह काफी लोकप्रिय रहे। लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल में विधायक ने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न सिर्फ भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बल्कि हर वर्ग के लोग स्तब्ध हैं। वह अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव उदयपुर मजरे पदमपुर बिजौली के मूल निवासी थे।
आपको बता दें कि, बछरावां से भाजपा विधायक राम नरेश रावत ने बताया कि, पिछले 15 दिन से वह अपोलो हॉस्पिटल में कोमा में थे। पहले उन्हें कोरोना हुआ था, हालांकि इससे ठीक हो गए थे। लेकिन फिर से उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। दल बहादुर कोरी से पहले औरेया से भाजपा विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम से सुरेश श्रीवास्तव, बरेली के नवाबगंज से केसर सिंह गंगवार का निधन हो चुका है। केसर सिंह के निधन के बाद उनके बेटे ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर यूपी की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया था।
राजनाथ की सरकार में रहे थे मंत्री: दल बहादुर कोरी के निधन की सूचना के बाद पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक के समर्थक उनके घर पहुंच रहे हैं। दल बहादुर कोरी पहली बार 1996 में सलोन विधानसभा से विधायक बने और राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्री काल में राज्य मंत्री बने। 2004 में दल बहादुर कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन 2014 में उनका फिर कांग्रेस से मोहभंग हुआ और उन्होंने बीजेपी में वापसी की। इसके बाद 2017 में बीजेपी के टिकट से फिर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की।

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