रायबरेली: कोरोना के लगातार डरावने आंकड़ों के बीच विगत बुधवार को एक राहत भरी खबर भी आई। संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर बढ़ने लगी है। पिछले 20 दिन में रिकवरी दर में 25 फीसदी से अधिक इजाफा हुआ है।
आपको बता दें कि, 20 अप्रैल को 63.42 प्रतिशत रिकवरी दर था। बुधवार को यह बढ़कर 88.81 फीसदी हो गया। जिले में अब तक संक्रमित 15,434 मरीजों में 13,708 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि, 10 अप्रैल को जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 6704 थी। 20 अप्रैल को यह संख्या बढ़कर 9817 हो गई थी। बुधवार को जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 15,434 हो गई है। अप्रैल में संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण रिकवरी दर घटकर 63.12 प्रतिशत हो गई थी। मरीजों के स्वस्थ होने की संख्या बढ़ने के बाद बुधवार को रिकवरी दर में बेहद सुधार आ गया है। बुधवार को जिले में रिकवरी दर बढ़कर 88.81 प्रतिशत हो गई है। लगातार रिकवरी दर में पिछले चार दिनों से सुधार आ रहा है।
जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या में बुधवार को कमी देखी गई। बुधवार को जिले में टीमों ने 4062 लोगों की जांच की। इसमें महज 62 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए, जबकि पहले से कोरोना संक्रमित 217 मरीज रिकवर होकर अपने घर पहुंचे। हालांकि मृतकों की संख्या बढ़ रही है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि, बुधवार को 4062 लोगों की कोरोना की जांच की गई। इसमें महज 62 लोगों की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई है। पहले से कोरोना संक्रमित 217 मरीज को स्वस्थ हो गए हैं। संबंधित मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। संक्रमित होने के बाद रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में ऊंचाहार निवासी 65 वर्षीय महिला, शिवगढ़ क्षेत्र के पदमपुर की 65 वर्षीय महिला, खीरों क्षेत्र के हरदोई निवासी 75 वर्षीय वृद्ध और शहर के छोटा घोसियाना निवासी 68 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई है। जिले में 1459 एक्टिव केस में 1010 मरीजों को होम आइसोलेट कराया गया है। रेलकोच के एल-2 अस्पताल में 123 और एम्स के एल-3 अस्पताल में 25 मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। वहीं बुधवार को भी टीकाकरण का काम जारी रहा। एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि, जिला अस्पताल के सीएचओ हाल में 240 लोगों में लक्ष्य के सापेक्ष 249 लोगों में कोरोना का टीका लगाया गया। उन्होंने बताया कि, दो दिन के लिए व्यवस्था की गई है कि, लोग बिना पंजीकरण करवाए ही टीका लगवाने के लिए अस्पताल आ सकते हैं। सेंटर ही पंजीयन करके उन्हें टीके लगाए जाएंगे।

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