रायबरेली: सरल स्वभाव, जमीनी नेता और सलोन विधान सभा क्षेत्र से तीन बार से भाजपा विधायक व एक बार समाज कल्याण राज्यमंत्री रहे दलबहादुर कोरी सभी की यादों में हमेशा कायम रहेंगे। डीह ब्लॉक के उदयपुर मजरे पदमनपुर बिजौली गांव में 28 जुलाई 1957 को जन्में दलबहादुर शुरू से ही संघर्षशील रहे। अत्यंत गरीब परिवार के होने के नाते वे परिवार को चलाने के लिए राजमिस्त्री का काम करते थे। स्वभाव बहुत अच्छा होने के नाते सलोन विधानसभा क्षेत्र में धीरे-धीरे लोग उनसे जुड़ने लगे।
आपको बता दें कि, दल बहादुर कोरी ने वर्ष 1990 में राजनीति में कदम रखा था। पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर वर्ष 1991 में चुनाव लड़े। सफलता न मिलने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 1993 में भाजपा के टिकट पर दोबारा चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिला, और सपा के प्रत्याशी विंदेश्वरी प्रसाद को हराकर पहली बार विधायक बने। विधायक बनते ही उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास करना शुरू कर दिया।
इसी का नतीजा रहा कि, वर्ष 1996 में बीजेपी के टिकट पर दोबारा विधायक बनें। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर उन्हें समाज कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2002, वर्ष 2007 और वर्ष 2012 के चुनावों में उन्हें सफलता नहीं मिली और वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में दल बहादुर कोरी तीसरी बार विधायक चुने गए। दो साल कांग्रेस तो कुछ समय बसपा में भी रहे: विधायक दल बहादुर कोरी का यूं तो पूरा राजनीतिक सफर भाजपा में गुजारा और अंतिम सांसे भी भाजपा के विधायक के रूप में ही ली, लेकिन उन्होंने दो साल कांग्रेस की भी सेवा की। हालांकि कुछ समय बसपा में भी गुजारा। उन्होंने वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। तो बसपा पार्टी छोडक़र वर्ष 2009 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्हें कांग्रेस का प्रदेश महासचिव बनाया गया था। ज्यादा दिन पार्टी में नही रहे वर्ष: 2011 में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में फिर आ गए, और वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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पिता का नाम: स्व0 रामस्वरूप
जन्म: 28 जुलाई 1957
जन्म: पदमनपुर बिजौली रायबरेली
जाति: अनुसूचित जाति
शिक्षा: हाईस्कूल
विवाह तिथि: वर्ष 1973
पत्नी का नाम-राजकुमारी
बेटा: कैलाश कुमार: सचिवालय में फायर इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत।
बेटा: अशोक कुमार: एयर पोर्ट सुरक्षा में तैनात।
बेटा: रावेंद्र कुमार: लखनऊ में पढ़ रहा।
बेटा: कार्तिकेय कुमार: लखनऊ में पढ़ रहा।
बेटी: विजय लक्ष्मी: शादी हो चुकी।
बेटी: राज लक्ष्मी: शादी हो चुकी।

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