बरीबरा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असामयिक मौत से मचा कोहराम।। Raebareli news ।।

                           प्रतीकात्मक फोटो

अलीपुर गांव में भी दो लोगों ने तोड़ा दम, क्षेत्र में बुखार, जुखाम, खांसी तथा सांस लेने में हो रही दिक्कतों से मौतों का सिलसिला जारी।

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के 2 गांव में 5 लोगों की असामयिक मृत्यु हो जाने से सनसनी फैल गई। मृतकों में तीन लोग तो एक ही परिवार के सदस्य थे, और सभी को बुखार खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत की समस्या बताई गई है।

    आपको बता दें कि, मऊ गांव का एक मजरा बरीबरा के रहने वाले मथुरा पासी के परिवार से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। इनका बड़ा लड़का रामनरेश 45 जो दिल्ली में मजदूरी करता था, उसे सर्दी, जुखाम, बुखार की समस्या हुई, तो उसने घर की ओर रुख किया। एक साथी उसको लेकर घर आ रहा था कि, रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजन ने उसका गांव में ही दाह संस्कार कर दिया।

     अभी राम नरेश की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि, उसका छोटा भाई राम सजीवन 40 विगत शनिवार को अपनी ससुराल बैसन का पुरवा गया था, वहां भी अचानक उसकी हालत बिगड़ी, परिजनों के मुताबिक सांस लेने में दिक्कत के बाद उसकी भी मौत हो गई। उसके अंतिम संस्कार के बाद मृतकों के पिता मथुरा प्रसाद पासी की रविवार को रात लगभग 12:00 बजे तबीयत खराब होने पर उनकी भी घर पर ही मौत हो गई। एक ही परिवार में तीन तीन मौतों के बाद गांव में कोहराम मच गया। मथुरा प्रसाद की बेटी कुंती देवी से जानकारी की गई, तो उसने बताया कि, तीनों लोगों को सांस ना ले पाने के कारण मौत हुई है। आपको यह भी बता दें कि, प्रॉपर मऊ गांव में इससे पहले इन्हीं लक्षणों से ग्रसित 17 लोगों की 1 महीने के भीतर मौत हो चुकी है। जिससे ग्रामीण खौफजदा है।

   उधर मिली जानकारी के मुताबिक अलीपुर गांव में रहने वाली पुरबिन 50 पत्नी रामदयाल को बीते 4 दिनों से बुखार आ रहा था। अचानक सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उसकी भी मौत हो गई। जबकि पहले से बीमार चल रहे राम अवतार 60 की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जा ही रहे थे, कि रास्ते में मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों पर लोग कुछ समझ पाने में विफल हैं। आखिरकार मर रहे लोगों के अंदर अचानक बुखार, जुखाम, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिख रहे हैं, से लोगों में दहशत है। 

    इस बारे में जब प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर भावेश कुमार यादव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, किसी को कोई भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो तो, वह सीएचसी आकर इमरजेंसी में अपने आप को दिखा सकता है। झोलाछाप डॉक्टरों से बचकर रहने में ही समझदारी है। यदि किसी मरीज को गंभीर लक्षण पाए जाते हैं, तो यहां से जिला अस्पताल या कोविट अस्पताल तत्काल भेजा जाता है। लोग जागरूक हो। ऐसी समस्या आने पर ना तो स्वयं अपना इलाज करें, और ना ही झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में फंसे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ