महराजगंज/रायबरेली: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर विद्युत उप केंद्र महराजगंज में एक गोष्ठी का आयोजन कर हिंदी पत्रकारिता के बारे में चर्चा की गई, और कहा गया कि, देश में हिंदी पत्रकारिता का कोई सानी नहीं है।
आपको बता दें कि, अवर अभियंता अवनीश कुमार के संयोजकत्व में हुई गोष्ठी में एसडीओ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि, वास्तव में लोकतंत्र में चौथे स्तंभ का बहुत बड़ा योगदान है। स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया शासन के अन्य अंगों को निरंकुश होने से बचाते हैं। उन्होंने कहा कि, हिंदी पत्रकारिता आम नागरिक की भावनाओं से जुड़ा विषय है, और अल्पावधि में भी हिंदी पत्रकारिता ने वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसकी बराबरी अन्य भाषाएं नहीं कर सकती है।
इसी क्रम में गोष्ठी के संयोजक इंजीनियर अवनीश कुमार ने कहा कि, हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है, और इसकी उत्पत्ति संस्कृत से हुई है। भाव अभिव्यक्ति में भाषा के अनुभव का महत्वपूर्ण स्थान है। हिंदी अब दुनिया की सबसे समर्थ वैज्ञानिक पूर्ण, वो उच्चारण में बेहद सरल भाषा है। इसी का परिणाम है कि, हिंदी पत्रकारिता दिनोंदिन समृद्धि और बलशाली होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि, पत्रकारों के ऊपर देश के लोकतंत्र को बचाने का गुरतरभार है, और खुशी इस बात की है कि, बुजुर्ग पीढ़ी से प्रेरणा लेकर युवा वर्ग के हिंदी पत्रकार निरंतर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में अवर अभियंता दीपक कुमार बोलते हुए कहा कि, देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षिक उत्थान में पत्रकारिता और पत्रकारों का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि, कलम के सिपाही हमेशा से भान्ति समाज की समस्याओं को रखने और उनके निराकरण में तथा देश व समाज के विकास व उत्थान में अपना योगदान देते रहेंगे।
इसी क्रम में गोष्ठी में मौजूद चंदापुर विद्युत स्टेशन के अवर अभियंता रवि गौतम ने कहा कि, देश के विकास को गति देने व तमाम कमियों को अपनी लेखनी के माध्यम से वर्तमान समय में कोविड संक्रमण काल में भी पत्रकार जगत ने अपने महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर लोगों में जनचेतना पैदा करने का काम किया है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं, जिसके लिये वे उन्हें बधाई और शुभ कामनाएं देते हैं।
इस मौके पर हार्दिक श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, बृजेंद्र सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए।

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