◆आरोप: महराजगंज पुलिस ने किया दलित नाबालिक लड़की की आबरू का सौदा।
◆आरोप: इंसाफ की गुहार कर रहे लड़की के मां बाप को रास्ते से जबरन उठाकर पुलिस ने एक कमरे में बंद कर पैर के बूंटों से जमकर कुचला।
◆महराजगंज पुलिस ने लड़की को अगवा करने के मामले में सुलहनामा पर जबरन कराए अंगूठा दस्तखत, कहीं मुंह खोलने, पर मुठभेड़ में मार दिए जाने की दी धमकी।
शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में 13 साल की नाबालिक लड़की को अगवा किए जाने के बाद मां बाप ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाकर मदद की गुहार की, और नाबालिक लड़की को दबंग के चंगुल से छुड़ाकर मेडिकल कराकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग के साथ साथ लड़की और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की कोशिश की। लेकिन यह कोशिश उन्हें खुद बड़ी महंगी पड़ गई। जबकि आरोपी के पक्ष में पुलिस स्वयं खड़ी हो गई। नाबालिक लड़की को मेडिकल कराने तथा उसे मां-बाप को सौपे जाने के बजाए आरोपी को ही सौंप कर थाने से जाने दिया गया। वही बार-बार इंसाफ की गुहार कर रहे लड़की के मां बाप को रास्ते से जबरन उठाकर पुलिस ने एक कमरे में बंद कर पैर के बूंटों से जमकर कुचला और सुलहनामा पर जबरन अंगूठा दस्तखत करवा कर हिदायत दी कि, इस मामले में कहीं मुंह खोला, तो मुठभेड़ में मार दिए जाओगे। चर्चा यह भी है कि, दलालों के माध्यम से एक दलित नाबालिक लड़की की आबरू का सौदा किया गया। पीड़ित परिवार ने जनपद के पुलिस विभाग के मुखिया श्लोक कुमार से मांग की है कि, उसकी लड़की को आरोपी के चंगुल से मुक्त करा कर आरोपी के विरुद्ध विधि संमत कार्यवाही की जाए, और दलित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
आपको यह भी बता दें कि, बेहद गरीब और कमजोर मां बाप ने यह बात गांव के अन्य लोगों को बताई, तो लोगों ने महराजगंज कोतवाली प्रभारी की खूब प्रशंसा करते हुए मां बाप को वहां जाकर फरियाद करने की सलाह दी। मामला थाने आ गया। बताते हैं कि, सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और आनन-फानन किशोरी को बरामद कर आरोपी कल्लू को भी पुलिस थाने ले आई। पूछताछ शुरु हो गई। अचानक पुलिस के तेवर बदल गए। पुलिस ने किशोरी को मां बाप के हवाले करते हुए लड़की को घर ले जाने और मामले में सुलहनामा लगा देने की सलाह दी।
किंतु मां बाप लड़की को साथ में ले जाकर उसका मेडिकल कराने और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने की मांग करने लगे। वहां पर मौजूद कुछ बिचौलियों ने मां बाप से लेन-देन की बात का भी प्रस्ताव रखा, लेकिन पीड़िता के मां-बाप कानूनी कार्यवाही से कम पर कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। तो कोतवाली प्रभारी का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने पीड़िता को आरोपी कल्लू के हवाले करते हुए उसे ले जाने को कहा, साथ ही मां और बाप को कड़ी हिदायत दी कि, कहीं रिपोर्ट किया या फिर किसी उच्चाधिकारी को जानकारी दी तो ऐसी धारा में जेल भेजूंगी जिससे ताउम्र जेल में ही रहोगे। यह कहकर कोतवाल रेखा सिंह ने पीड़िता के मां बाप को दुत्कार कर थाने से भगा दिया।
कहानी का अंत यही नहीं हुआ। पुलिस को लगा कि, बगैर कुछ लिखाए पढ़ाए पीड़िता के मां-बाप को भेजना उचित नहीं है। पीड़िता के मां-बाप का कहना है कि, वह जैसे ही घर के लिए निकलकर पाली गांव तक पहुंचे होंगे, तभी पीछे से पुलिस का चार पहिया वाहन वहां भी पहुंच गया, और मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर पीड़िता की मां को जबरन वाहन में बैठा लिया, और उनके पति को कहा कि, तुम भी थाने आओ। पति-पत्नी ने पत्रकारों को बताया कि, कोतवाल ने आगंतुक कक्ष में उन्हें बुलाकर बूट की ठोकरों से बहुत मारा और कई सादे कागजों पर अंगूठा दस्तखत करा लिए, और कहा कि, अब इस मामले में कहीं शिकवा शिकायत की, तो तुम्हारी वह हालत बनेगी की सात पीढ़ियां याद करेंगी।
मामले की जानकारी होते ही इस संवाददाता ने गांव पहुंचकर पीड़िता की मां और बाप से जब बयान लेने शुरू किए तो, पहले तो उनके चेहरों पर अज्ञात भय की आशंका से हवाइयां उड़ रही थी। लेकिन जब उन्हें विश्वास हुआ कि, मीडिया के लोग आए हैं, तब उन्होंने फफक फफक कर अपनी लड़की का आयु प्रमाण पत्र दिखाते हुए गुहार की है कि, उनकी बात जिले के न्याय प्रिय और ईमानदार पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा दी जाए। ताकि उनकी लड़की उस दबंग के चंगुल से मुक्त हो और उनकी रिपोर्ट लिख कर कानूनी कार्यवाही की जाए।


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