पंचम दिवस की श्रीमद्भागवत कथा: कथा व्यास ने किया भगवान श्री कृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का व्याख्यान, श्रोता हुए मंत्र मुग्ध

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा जिहवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास संध्या भरद्वाज ने श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान कृष्ण का जन्म और उनकी बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रोताओं को अमृत रूपी कथा का रस पान कराया।

आपको बता दें कि, कथा व्यास ने श्रोताओं को बताया कि, भगवान श्री कृष्ण के जन्म के पहले पापी कंस को आकाशवाणी द्वारा विदित होता है कि, अब तुम्हारी मृत्यु का समय आ चुका है तुम्हारे पाप का दंड देने वाला तुम्हारी ही बहन देवकी के गर्भ से जन्म लेगा और तुम्हारे पापों का अंत करेगा। आकाशवाणी सुनकर पापी कंस अपनी बहन देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल देता है। भगवान श्री हरि विष्णु देवकी के गर्भ से श्री कृष्ण के रूप में जन्म लेते हैं और भगवान शेष, बलराम (बलदाऊ) के रूप में जन्म लेते हैं। 

      कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद उनकी कई बाल लीलाओं का वर्णन भी किया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु संध्या भरद्वाज की कथा सुनकर भाव विभोर हो गए। 

     इस मौके पर अनूप अवस्थी, उर्फ मोनू (कोटेदार) अवकाश सिंह, रागेंद्र सिंह, रामू, बबलू साहू, उर्फ डॉक्टर, सौरभ चौधरी, शुभम चौधरी, सुशील पांडे, धर्मराज सिंह, रामू पांडेय, धर्मेश, सत्यम, कुलदीप, अशोक विश्वकर्मा, दिवाकर साहू, विवेक मिश्रा, अलोक सिंह, सत्य प्रकाश तिवारी, दुर्गेश मिश्रा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ