रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: ब्लॉक क्षेत्र के बादल खां मजरे बरहुआं गांव में दिनेश तिवारी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नर-नारियों ने सिर पर कलश रखकर गांव के मुख्य मार्गों से होकर शिवालयों में पहुंची। कलश यात्रा में सबसे आगे भक्ति सागर का श्वर बिखेरता हुआ डीजे चल रहा था और पीछे भक्ति में सरोबार धुनों पर श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। गांव भ्रमण के पश्चात कलश यात्रा हरचंदपुर के पास स्थित आस्तिक देव मंदिर पहुंची जहां मत्था टेका गया इसके बाद यात्रा वापिस कथा स्थली पहुंची।
आपको बता दें कि, कथा व्यास वेद दिक्षित जी महाराज ने कलश यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, कलश में सारे देवता विराजमान होते हैं, और कलश को महिलाओं के सिर पर रखकर भ्रमण करने से धरा सिद्ध होती है। जो भी कलश को धारण करता है उसकी आत्मा पवित्र हो जाती है।
इसके बाद शाम को कथा प्रारम्भ हुई। कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य के बारे में उपस्थित श्रोताओं के सम्मुख विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि, कथा के श्रवण मात्र से ही मनुष्य के विकार नष्ट हो जाते हैं, और वह मोक्ष को प्राप्त करता है।
इस दौरान आयोजक दिनेश कुमार तिवारी सहित सच्चिदा, अखिलेश तिवारी, रमन द्विवेदी, रुद्र दत्त बाजपेई, प्रदीप अवस्थी, जीतू् , बुधई आदि मौजूद रहे।


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