रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: तहसील के अन्तर्गत ग्राम पखनपुर स्थित गाटा संख्या 657 (जीएसलैंड नवीनपरती) के लिए सुरक्षित भूमि में सन 2011 में तत्कालीन एसडीएम राम शिरोमणि मौर्य द्वारा 30 व्यक्तियों को 100 वर्ग मीटर के हिसाब से आवासीय पट्टा आवंटन किया गया था, परंतु गांव के ही भू-माफियाओं राधेलाल व उनके बेटे अखिलेश कुमार की सरहंगई से अभी तक अवंटियों को कब्जा नहीं मिल पाया है।
पटृटाधारियों की शिकायत का संज्ञान लेकर तहसीलदार के आदेश पर मय पुलिस फोर्स गांव पहुंची राजस्व टीम ने सभी 30 पट्टाधारियों को पैमाइश करके जमीन का चिंहीकरण कराकर कब्जा तो दे दिया, किंतु राजस्व टीम के चले आने के बाद आरोप है कि, सरहंग भू-माफिया द्वारा आवंटियों को डरा-धमका कर नीव तक नहीं खोदने दिया और अमादा फौजदारी होकर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। उक्त भू-माफिया की दबंगई के बदौलत आवासीय अवंटियों को अब तक जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है।
आपको बता दें कि, 2011 में तत्कालीन एसडीएम महराजगंज राम शिरोमणि मौर्य द्वारा गांव स्थित गाटा संख्या 859, 657 और 336 पर 30 लोगों को आवासीय पट्टे की भूमि आवंटन किया गया था। आरोप है कि, गांव के रहने वाले राधेलाल व उनके बेटे अखिलेश कुमार और बंबा देबी, दुखी लाल एवं बंबा देवी के लड़कों द्वारा बिना पट्टा कराएं, उक्त भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और बाकायदा आईसीसी पिलर खड़े करके निर्माण कार्य कर रहे हैं। जिससे आवंटियों में रोष व्याप्त है। परेशान पट्टा धारकों ने आंदोलन करने का फैसला लिया है।
पट्टा धारकों वृंदावन, रजोली, बचोले, रामबली, बाबूलाल, रामलाल, जगन्नाथ दास, रघुराज, गुड्डा देवी, राम गोपाल, कली दीन, संतोष, शीतला दीन, शिवराम, रामबख्श, राम आधार, राजेश कुमार, राम बहादुर और आनंद आदि ने बताया कि, लगभग 10 वर्ष पूर्व उन्हें 100-100 वर्ग मीटर आवासीय पट्टे की भूमि आवंटित की गई थी, इसके बाद उक्त आरोपी भू-माफियाओं द्वारा लगभग 6 बिस्वा जमीन पर कब्जा करके उस पर पिलर खड़े करके निर्माण कार्य शुरू कर रखा है और वह लोग जब अपने-अपने आवंटित आवास की भूमि पर नीव खोदने जाते है तो उन्हें भू-माफियाओं द्वारा लाठी-डंडा छूरी-चक्कू और कट्टा दिखाकर डरा धमका कर भाग दिया जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, आरोपी भू-माफियाओं द्वारा आवासीय पट्टे की भूमि का चिन्हाकन करके कब्जा दिलाने आए अधिकारियों पर पैसे लेकर कब्जा दिलाने का लगाया जा रहा है जो मिथ्या है। उनसे किसी भी अधिकारी ने एक रुपए की भी मांग नहीं की है। अवंतियों ने बताया कि, ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि भगवान दीन फौजी या फिर राजस्व कर्मचारियों द्वारा उनसे किसी भी प्रकार की कोई पैसे की मांग नहीं की गई है। भू-माफियाओं द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। उच्चाधिकारियों को मामले को संज्ञान लेकर यदि आवासीय आवंटियों की बात सही पाई जाए, तो भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए उनका निर्माण गिरा कर पट्टाधारियों को कब्जा दिलाया जाए।
मामले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और पूर्व जिला पंचायत सदस्य भगवान दीन फौजी ने कहा है कि, वह अवंटियों के साथ है। यदि सोमवार तक पट्टा धारियों को कानूनन कब्जा नहीं दिलाया गया, तो वह सभी 30 अवंटियों समेत सैकड़ो ग्रामीणों को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठने को विवश होंगे।






0 टिप्पणियाँ