रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र स्थित अहोरवा भवानी चौराहे में एक ही परिवार के चार लोगों की गोली मारकर हत्या के विरोध में भाकपा (माले) ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ज्ञात है कि, बीते गुरुवार की रात बदमाशों ने घर के घुसकर गोलियां बरसाकर पति-पत्नी और दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था। मृतक दलित परिवार किराए के मकान में रहता था। मृतक सुनील कुमार कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। मूलतः यह रायबरेली जिले के ग्राम सुदामापुर थाना गदागंज़ के रहने वाले थे।
आपको बता दें कि, भाकपा (माले) जिला सचिव उदय भान पटेल ने कहा कि, मृतका पूनम भारती विगत 18 अगस्त 2024 को रायबरेली शहर अपने बच्चे के इलाज के लिए आई थी, तब उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी कोतवाली सदर रायबरेली में छेड़छाड़ और मारपीट व एससी एसटी एक्ट के तहत एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसमें पूनम ने अपनी और परिवार की जान के खतरे का कई बार उल्लेख किया गया था। किंतु उक्त मुकदमे के विवेचक ने घोर लापरवाही बरती और यह खौफ नाक घटना सामने है।
इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष हनुमान अंबेडकर ने कहा कि, सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। एक ओर मुख्यमंत्री कहते घूम रहे हैं कि, उत्तर प्रदेश से अपराधी भाग गए हैं किंतु रोज ही महिलाएं, दलित, गरीब गुरबे, अल्पसंख्यक मारे जा रहे हैं, हत्या, यौन हिंसा, लूट, छिनैती जैसे अपराधों की बाढ़ आई हुई है। लोक प्रशासन समाप्त हो गया हैं।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए विशेष कार्यबल को जिम्मेदारी दिए जाने, दिनांक 18/8/2024 को थाना कोतवाली सदर, रायबरेली में दर्ज मुकदमे के विवेचक की उसकी उदासीनता के कारण हुई इस हत्या की जिम्मेदारी तय करते हुए सेवा से बर्खास्त किए जाने तथा दलित उत्पीड़न और महिला यौन हिंसा पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाने की मांग की गई।
प्रदर्शन में किसान महासभा अध्यक्ष फूल चंद्र मौर्य, भाकपा (माले) ब्लॉक सचिव हरी लाल, किसान महासभा उपाध्यक्ष मो हलीम, इंसाफ मंच अध्यक्ष डा0 हलीम महमूद, शिवम कुमार, कन्हैया कुमार, गुलाम अहमद सिद्दीकी, कृष्ण आत्मा शर्मा सहित दर्जनों लोगो ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

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