मऊ दो दिवसीय मेला महोत्सव में कार्यक्रमों का आगाज, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का दिखा पहरा

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: मऊ में तेरस तिथि को लगने वाले दो दिवसीय प्रसिद्ध "मेला महोत्सव" पहले ही दिन सोमवार को अपनी रंगत बिखेरता नजर आएगा। मेले में दुकानों को पूर्व प्रमुख व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर उनके लोगों द्वारा विधिवत लाइन से लगवाया गया था, ताकि मेल्हारियों को खरीदारी करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना आए। वहीं विभिन्न झूलों सहित गुब्बारा, डांस सहित मंच पर रंगारंग (नौटंकी), विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आभा ग्राम वासियों को दो दिन भरपूर मनोरंजन कराएगी। 

      आपको बता दें कि, अबकी बार तेरस तिथि को लगने वाले दो दिवसीय मऊ मेले में कपड़ा, बर्तन, चाट, खेल-खिलौने, वूलन, फर्नीचर, साग-भाजी, फल, चाट, चाऊमीन, बर्गर, मूंगफली, धुंधिया, गुडपट्टी एवं बितास खाना इत्यादि सामानों की खरीदारी के लिए मेला स्थल पर अलग-अलग न्यू लुक में दुकान लगाई गई है।

       खास बात यह है कि, मेला महोत्सव में प्रथम दिन रामलीला, धनुष यज्ञ के अलावा दोनो रात रंगारंग कार्यक्रम (नौटंकी) का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंगलवार को मेला महोत्सव के दूसरे दिन पहले दिन से अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसको लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र प्रताप सिंह ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

       श्रीराम लीला महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को दिन में 12:00 बजे भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना के साथ पूर्व प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह ने किया। गांव समाज के संभ्रांत नागरिकों ने भी पहुंचकर पूजा-अर्चना में भागीदारी निभाई। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ। रामलीला का आयोजन रामलीला मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पर किया गया। श्रद्धालुओं ने इस दौरान जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

     पूर्व ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, मेले व त्योहार हमारी संस्कृतिक धरोहर का प्रमुख हिस्सा है। इसे संजोए रखना समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। इससे ही सामाजिक सहयोग, समरसता, सौहार्द तथा भाईचारा बढ़ता है। रायबरेली में उत्सवों पर लगने वाले मेलों से जनपद की समृद्धि, परंपराओं और संस्कृति की झलक मिलती है, तथा अगली पीढ़ी तक हमारी उच्च परंपराएं पहुंचती हैं। श्री सिंह ने कहा कि, इन उत्सवों में आयोजित होने वाले आयोजनों में संस्कृतिक, धार्मिक एवं लोक संगीत (नौटंकी) के आयोजनों से ग्रामीणों को मनोरंजन का अवसर मिलता है। इन्हें सहेज कर रखना हम सब का नैतिक कर्तव्य है।

     दशहरा मेला से पूर्व कोतवाली परिसर में हुई बैठक में क्षेत्राधिकारी यादवेंद्र बहादुर पाल और कोतवाल बालेंदु गौतम ने मेल्हारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस का मजबूत घेरा तैयार किया था, जो आज मऊ मेला महोत्सव के दौरान देखने को मिला। चप्पे-चप्पे पर पुलिस विभाग के जवान मुस्तैद दिखाई दिए। क्षेत्राधिकारी ने बैठक में पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान मेल्हारियों से शालीनता से पेश आने को कहा था, जो यहां मऊ मेले में देखने को मिला। मेला के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा आपराधिक गतिविधियों पर भी पुलिसकर्मियों की पैनी नजर रही।

     इस मौके पर ग्राम प्रधान भेलई मौर्य, सोनू पंडित, गणेश शंकर तिवारी, भीष्म पितामह मिश्र, रामचंद्र तिवारी, गुड्डू द्विवेदी, संत बक्श सिंह चौहान, शुभम सिंह, अशोक सिंह जनई, महादेव सिंह, अनूप सिंह, राम विश्वास (कोटेदार) आदि मौजूद रहे। 

    इसके अलावा काली प्रसाद, रज्जू, राजेंद्र आदि मेला कार्यालय पंचायत भवन में आने वाले अतिथियों के सेवा भाव में लगे दिखे।

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