माइनरों की सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति, शासन की गाइड लाइन दरकिनार, अब भुगतान कराने की तैयारी

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: सहायक अभियंता और ठेकेदार की मनमानी के कारण तहसील क्षेत्र से होकर शारदा सहायक से निकली साढ़े नौ किलोमीटर लंबी कुंदनगंज रजबहा और उससे निकली आधा दर्जन माइनरों की सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कमीशन खोरी के चक्कर में किसानों की समास्या हल करने के बजाय और समास्या उत्पन्न कर दी गई है, जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। क्षेत्रीय किसान पीर अली, दिलीप कुमार, रमेश यादव, जगजीवन प्रसाद आदि ने सिल्ट सफाई के नाम की गई खानापूर्ति की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

     आपको बता दें कि, किसानों का आरोप है कि, तहसील क्षेत्र से होकर निकली कुंदन गंज रजबहा और उससे निकलीं ढाई किलो मीटर लंबी खैरहनी, माइनर, ढाई किलो मीटर लंबी अटरा माइनर, करीब तीन किलोमीटर लंबी बहादुरपुर माइनर, ढाई किलोमीटर के करीब लंबी भैरमपुर माइनर के आलावा दूलमपुर, माइनरें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। 

      किसानों ने बताया कि, इसमें सहायक अभियंता नमन् मिश्रा की उदासीनता के चलते ठेकेदारों द्वारा सिर्फ मनमानी की गई है, वहीं सूत्रों की मानें तो रजबहा और उससे निकली माइनरों में सिल्ट सफाई के नाम पर जो धांधली हुई है, अब जिम्मेदार उससे बड़ा भ्रष्टाचार करने की मूड में हैं, जानकारों के मुताबिक शासन से निर्धारित गाइड लाइन को दरकिनार कर अब भुगतान कराने की तैयारी की जा रही है।

      मुख्य अभियंता प्रभाकर प्रसाद ने बताया कि, जांच कराई जाएगी धांधली मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

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