महराजगंज तहसील क्षेत्र में भू-माफिया का आतंक: सीमांकन में अवैध कब्जा साबित होने के बाद भी निर्माणकार्य जारी, पीड़ित लगा रहा दफ्तरों के चक्कर


रजनीकांत अवस्थी 

महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में महराजगंज तहसील क्षेत्र के नहरिया मजरे मझगवां में भू-माफिया का आतंक जारी है। आरोप है कि, भू-माफिया ने एसडीएम के आदेश को दरकिनार करते हुए सीमांकन के बाद अवैध कब्जा पाए जाने के पर भी गाटा संख्या 293 भूमि धरी जमीन पर कब्जा बरकरार रखते हुए निर्माण कार्य जारी किया हुआ है। वादी पक्ष राम शंकर पुत्र शिवराम निवासी नहरिया मजरे मझगवां के बार-बार शिकायत के बाद भी उच्चाधिकारी मामले को संज्ञान नहीं ले रहे हैं। हालांकि 112 पुलिस मौके पर पहुंचती है और मात्र खानापूर्ति करके वापस लौट जाती है। राजस्व अधिकारियों की नजर भी इस भू-माफिया पर नहीं पड़ रही है। पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी रायबरेली से भी फोन पर करी है।

     आपको बता दें कि, मामला महराजगंज तहसील क्षेत्र के नहरिया मजरे मझगवां का है। गांव के रहने वाले राम शंकर पुत्र सियाराम ने सीमांकन के लिए धारा 24 के अंतर्गत एसडीएम महराजगंज के न्यायालय में अपनी भूमि गाटा संख्या 292 का वाद दायर किया था। उप जिलाधिकारी महराजगंज के आदेश के अनुपालन में 31/05/2024 को कानूनगो मोहम्मद अहमद ने मौके पर पहुंचकर वादी और प्रतिवादी की सहमति से भूमि का सीमांकन किया, जिसमें पाया गया कि, विवादित गाटा संख्या 293 में 1328 वर्ग मीटर में विपक्षी भुस्सू पुत्र राम प्रसाद निवासी नहरिया मजरे मझगवां का अवैध कब्जा पाया गया। 

    इसके बावजूद अवैध कब्जेदार भूस्सू पुत्र रामप्रसाद द्वारा एसडीएम के आदेश को दरकिनार करते हुए अवैध कब्जे की भूमि पर निर्माण कार्य जारी कर रखा है। वादी द्वारा कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी राजस्व विभाग का कोई भी आलाधिकारी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई, जिसके चलते भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं तथा निर्माण कार्य जारी कर रखा है।

     पीड़ित ने आज रविवार को फोन करके मामले की जानकारी जिले की मुखिया जिलाधिकारी हर्षिता माथुर से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

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