शासनादेश का अनुपालन कराने की मांग को लेकर 12वें दिन भी जारी रहा धरना

बलिया: विशेष सचिव उ.प्र. समाज कल्याण अनुभाग-3 शासनादेश 2 दिसम्बर 2024 द्वारा प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुभाग-3 शासनादेश 3 नवम्बर 2021 द्वारा दिये गये दिशा दिर्नेश का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है का अनुपालन कराने की मांग को लेकर आल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (आगसा) के नेतृत्व में बलिया सदर माॅडल तहसील पर आदिवासी जनजाति गोंड समुदाय के छात्र नौजवानों का जाति प्रमाण-पत्र निर्गत होने तक अनिश्चितकालीन धरना 7 फरवरी 2025 को 12वें दिन भी जारी रहा।

     आपको बता दें कि, धरनारत लोगो ने कहा कि, अंग्रेजी सरकार में बलिया जिले में निवास करने वाली गोंड जाति की जनगणना ट्राइब में की गयी है। उस समय के थानों पर स्थित जन्म-मृत्यु रजिस्टर फौती में भी गोंड ही अंकित है। आजादी के पूर्व के भू- राजस्व अभिलेखों फसली में गोंड अंकित है इसके बावजूद भी भारत के राजपत्र संविधान शासनादेश की घोर अवमानना करते हुये, मनगढ़ंत गलत आख्या लगाकर आदिवासी जनजाति गोंड की जाति बदलने का षडयंत्र कर रहे हैं लेखपाल व तहसीलदार जिन पर संविधान द्रोह भारत के राजपत्र का द्रोह, एससी/ एसटी उत्पीड़न एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जानी चाहिए। 

     आगे कहा कि, 1942 अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बैरिया थाने पर अमर शहीद रामजन्म गोंड जी के स्वतंत्रता संग्राम गाथा से प्रेरणा लेकर गोंड समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रहेगा।

     धरना को प्रमुख रूप से संजय गोंड, अरविंद गोंडवाना, हीरालाल गोंड, सोनू गोंड, संदीप गोंड, ललन गोंड, ओमप्रकाश गोंड, रितिक गोंड, रामजी गोंड, राजेंद्र गोंड, श्रीपति गोंड, विक्रम गोंड, रघुनाथ गोंड ने भी संबोधित किया।

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