दतौली चंदा में 7 दिवसीय श्री मद्भागवत कथा: भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

रजनीकांत अवस्थी

हैदरगढ़/बाराबंकी: भव्य एवं पारंपरिक वेश में सोमवार से दतौली चंदा गांव में श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। अयोध्या धाम से पधारे महान संत विपिन बिहारी दास जी के नेतृत्व में गांव के कथा आयोजन स्थल से 3 किमी. की यात्रा के पश्चात प्राचीन शिव मंदिर अवशानेश्वर धाम पहुंचकर गोमती नदी के पवित्र जलस्त्रोत से जल भरने के साथ कई गांवों से होकर कथा स्थल पर पहुंच कर धार्मिक विधि एवं मंत्रोच्चरण के साथ स्थापित किया गया। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं।  आरती के साथ शुरू किए गए श्रीमद् भागवत कथा में महान संत विपिन बिहारी दास जी महराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया।

     आपको बता दें कि, कथा व्यास विपिन बिहारी दास जी महराज ने बताया कि, विश्व में सभी कथाओं में श्रीमद् भागवत कथा श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियां को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात दिन तक किसी व्यवस्तता के कारण नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। तब भी वो इसका फल प्राप्त करता है, क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है, जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध के प्रसंग का उल्लेख होने के साथ-साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ-साथ मोक्ष को प्राप्त करता है।

     कथा व्यास विपिन बिहारी दास जी महराज ने बताया कि, इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्य़ु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था।

      3 फरवरी दिन सोमवार से 9 फरवरी दिन रविवार तक आयोजित होने वाली इस श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति एवं भंडारा का कार्यक्रम 10 फरवरी दिन सोमवार को दिन में 2:00 बजे से प्रभु इच्छा तक चलेगा।

    इस पुनीत अवसर पर जगदीश कुमार तिवारी, अशोक कुमार तिवारी, कृष्ण कुमार तिवारी, शशि शेखर मिश्र, चंद्रकांत मिश्र, उत्तम मिश्र, अतुल पांडेय, अंकित मिश्र, अर्पित मिश्र, हर्ष पांडेय द्वारा कलश शोभायात्रा में पुष्प वर्षा करी गई। साथ ही कथा पांडाल में पहुंचने वाले श्रीमद् भागवत कथा के रसिकवृंदों का स्वागत किया गया। कथा के प्रथम दिवस ही पांडाल श्री मद्भागवत कथा प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।

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