शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के लोगों का कहना है कि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश से क्या महराजगंज तहसील का प्रशासन अछूता है? एक तरफ मुख्यमंत्री लगातार घोषणा कर रहे हैं कि, भू-माफियाओं के कब्जे से सरकारी जमीने मुक्त कराई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ भू- माफियाओं के कब्जे से जमीने मुक्त कराने की बजाय प्रशासन के संरक्षण में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है। महराजगंज तहसील प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को गुमराह कर भू-माफियाओं को संरक्षण देकर सरकारी जमीनों पर कब्जा कराया जा रहा है। क्षेत्र में चर्चित भू-माफियाओं का एक गिरोह अधिकारियों से सांठ-गांठ करके धड़ले से सरकारी जमीनों पर कब्जा करके करोड़ करोड़ रुपए की जमीनों को इधर से उधर करने में लगे हैं, इसके बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
आपको बता दें कि, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश और प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार रहित स्वच्छ प्रशासन उपलब्ध कराए जाने हेतु कटिबंध है। दूसरी ओर आइजीआरएस के मामले में दूसरी बार पहला स्थान लाने वाला महराजगंज तहसील का प्रशासन भ्रष्टाचार के आकंठ तक डूब चुका है। शिकायत मिलने के बाद भी मामले का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है, जिसकी वजह से क्षेत्र में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वह लगातार सरकारी जमीनों पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर रखा है।
एक ऐसा ही मामला महराजगंज तहसील क्षेत्र के थाना बछरावां की पुलिस चौकी थुलेंडी से 50 मीटर की दूरी पर महराजगंज बछरावां रोड का प्रकाश में आया है, यहां तत्कालीन ग्राम प्रधान थुलेंडी मोहम्मद इस्माइल द्वारा सन् 1965 में ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 1796 के आंशिक भाग का रामशरन के नाम पट्टा किया था। रामशरण की मृत्युपरांतु उनके दो लड़के रंजीत और सुशील अब इस जमीन के मालिक हैं। बताते हैं कि, तत्कालीन ग्राम प्रधान के द्वारा जितनी जमीन उन्हें पट्टा की गई थी, उससे अधिक जमीन वह जालसाज तरीके से दूसरों को स्टांप पर लिखकर और बैनामा के माध्यम से बेच चुके हैं। इसके साथ-साथ दोनों भाइयों ने इसी गाटे पर अपना-अपना मकान भी बना रखा है तथा कृषि के लिए घर के पीछे बाकायदा जमीन भी रखी है, जिसमें वह खेती करते हैं। रामशरण के मृत्युपरांत उनकी पत्नी पुन्ना देवी बिहार के रहने वाले गोरख प्रसाद से दूसरी शादी करके उनके साथ चली गई है।
नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि, रामशरण के दोनों बेटों रंजीत और सुशील ने मिलकर गाटा संख्या 1796 की ऑनरोड बाकी बची जमीन को जालसाज तरीके से एक व्यक्ति के नाम एग्रीमेंट कर दिया है, जिसने मौजूदा समय में वहां साफ सफाई करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। बाकायदा पिलर भी खड़े कर दिए गए हैं। इससे 1 वर्ष पहले भी इसी तरह इसी गाटा संख्या की, इसी ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया गया था, किंतु तत्कालीन एसडीएम महराजगंज राजित राम गुप्ता के संज्ञान में मामला आते ही फौरन उन्होंने राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को बंद करते हुए जेसीबी द्वारा जमीन को समतल करा दिया था और मौके पर मौजूद मिले बिल्डिंग मटेरियल को जप्त कर लिया था।
किंतु अब पुनः एग्रीमेंट धारक ग्राम समाज की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके बेखौफ धड़ले से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जबकि 50 गज की दूरी पर थुलेंडी चौकी मौजूद है, बावजूद भू-माफिया बेखौफ होकर निर्माण कार्य कर रहा है।
बताते हैं कि, तत्कालीन ग्राम प्रधान मोहम्मद इस्माइल ने गाटा संख्या 1796 जो थुलेंडी चौराहे पर स्थित है में तीन लोगों को पट्टा किया था, जिसमें रामेश्वर निवासी कुशल खेड़ा, सियाराम पुत्र प्रतापी निवासी थुलेंडी और तीसरा रामशरण का नाम था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, अब मौके की स्थिति यह है कि, मृतक पट्टाधारी रामशरण ने अपनी मूल पट्टे की जमीन को तो बचा लिया, किंतु जालसाज तरीके से धोखाधड़ी करके गाटे की बाकी बची ग्राम समाज की जमीन को दूसरों के हाथों बेच दिया है।
मामले में हल्का लेखपाल शिवेंद्र रावत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, मामला संज्ञान में आया है, उनके द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है। जल्द ही गाटा संख्या 1796 की पैमाइश कर ग्राम समाज की जमीन को खाली करा कर भू-माफियाओं से कब्जा मुक्त कराई जाएगी।


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