रजनीकांत अवस्थी
लालगंज/रायबरेली: क्षेत्र के एक पिता ने अपने बेटे के तिलक के कार्ड को भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया। तिलक के कार्ड पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत मिशन का संदेश छपवाकर लोगों को जागरूक करने की अनोखी मिसाल पेश की है।
आपको बता दें कि, क्षेत्र के चांदा गॉव के रहने वाले सुदर्शन मास्टर जो कि, पेशे से टेलर है। लालगंज कस्बे में उनकी दुकान है। 20 नवम्बर को उनके बड़े बेटे का तिलक हैं इस तिलक को लोगों के लिए मिसाल के तौर पर पेश किया है। उन्होने तिलक के कार्ड पर स्वच्छ भारत के स्लोगन के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तथा स्वच्छ भारत मिशन का लोगों छपवाया है। यह स्लोगन कार्ड के लिफाफे पर छपवाया गया है।
एक और खास बात है।
जमीनी स्तर तक देखा जाए तो सुदर्शन के कार्य की आप सराहना करेंगे। आपको बता दें कि, पिछले साल सरकार ने उन्हे 12 हजार रुपए शौचालय के निर्माण के लिए दिए थे। पूरे गॉव को भी मिले पर जिसपर सुदर्शन ने करीब 30 हजार अपने पास से मिलाकर दो शौचालय बनवाए। एक बहू के लिए एक बेटी के लिए। बोले सिर्फ सरकार की ही जिम्मेदारी नही है स्वच्छ भारत बनाने की हमे भी कुछ करना चहिए। एक खास बात और है कि, वैसे तो शादी, व्याह , तिलक या अन्य किसी शुभ अवसर पर लोग घर की बेटियों व महिलाओ के नाम नही डलवाते है पर सुदर्शन ने कुछ अलग किया है कार्ड में बेटीयों के व परिवारिक कुछ महिलाओं के नाम डलवाएं है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। यही नहीं उनके दो संदेशो की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
इसके साथ ही उनकी बेटी करिश्मा व पत्नी आरती मिलकर स्वच्छ भारत अभियान प्लास्टिक हटाओ के तहत " पैंट का कपडा दे जाओ फ्री झोला सिला ले जाओ" के कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया है।
मिलिए जिसके तिलक है।
क्षेत्र का एक नाम है चित्रकार गब्बर जिनका तिलक है। चित्रकार गब्बर वो है जो, चावल से कलाकृतियों को बनाकर चर्चा मे आए थे। उनकी कई कलाकृतियां नेशनल रिकार्ड में भी दर्ज है। ये अक्सर अपनी कला के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिस करते रहते हैं।
लालगंज/रायबरेली: क्षेत्र के एक पिता ने अपने बेटे के तिलक के कार्ड को भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया। तिलक के कार्ड पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत मिशन का संदेश छपवाकर लोगों को जागरूक करने की अनोखी मिसाल पेश की है।
आपको बता दें कि, क्षेत्र के चांदा गॉव के रहने वाले सुदर्शन मास्टर जो कि, पेशे से टेलर है। लालगंज कस्बे में उनकी दुकान है। 20 नवम्बर को उनके बड़े बेटे का तिलक हैं इस तिलक को लोगों के लिए मिसाल के तौर पर पेश किया है। उन्होने तिलक के कार्ड पर स्वच्छ भारत के स्लोगन के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तथा स्वच्छ भारत मिशन का लोगों छपवाया है। यह स्लोगन कार्ड के लिफाफे पर छपवाया गया है।
एक और खास बात है।
जमीनी स्तर तक देखा जाए तो सुदर्शन के कार्य की आप सराहना करेंगे। आपको बता दें कि, पिछले साल सरकार ने उन्हे 12 हजार रुपए शौचालय के निर्माण के लिए दिए थे। पूरे गॉव को भी मिले पर जिसपर सुदर्शन ने करीब 30 हजार अपने पास से मिलाकर दो शौचालय बनवाए। एक बहू के लिए एक बेटी के लिए। बोले सिर्फ सरकार की ही जिम्मेदारी नही है स्वच्छ भारत बनाने की हमे भी कुछ करना चहिए। एक खास बात और है कि, वैसे तो शादी, व्याह , तिलक या अन्य किसी शुभ अवसर पर लोग घर की बेटियों व महिलाओ के नाम नही डलवाते है पर सुदर्शन ने कुछ अलग किया है कार्ड में बेटीयों के व परिवारिक कुछ महिलाओं के नाम डलवाएं है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। यही नहीं उनके दो संदेशो की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
इसके साथ ही उनकी बेटी करिश्मा व पत्नी आरती मिलकर स्वच्छ भारत अभियान प्लास्टिक हटाओ के तहत " पैंट का कपडा दे जाओ फ्री झोला सिला ले जाओ" के कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया है।
मिलिए जिसके तिलक है।
क्षेत्र का एक नाम है चित्रकार गब्बर जिनका तिलक है। चित्रकार गब्बर वो है जो, चावल से कलाकृतियों को बनाकर चर्चा मे आए थे। उनकी कई कलाकृतियां नेशनल रिकार्ड में भी दर्ज है। ये अक्सर अपनी कला के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिस करते रहते हैं।


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