रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: विगत 1 सप्ताह पूर्व महराजगंज कस्बे में मुखबिर खास की सूचना पर पुलिस की छापामारी के दौरान भारी मात्रा में पकड़ा गया फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) मामले में व्यापारियों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। जिसको लेकर क्षेत्र के व्यापारी और भाजपा नेता लामबंद हो चुके हैं और एक स्वर में फूल झाड़ू बीज को औषधि बताते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि, रायबरेली पुलिस का कहना है कि, यह लोग झाड़ू के बीच को खरीदते थे और इससे नकली जीरा बनाने का कारोबार करते थे फूल झाड़ू के बीज से बनाए गए जीरे को ₹200 प्रति किलो से अधिक के हिसाब से बेचा जाता है इस मिलावटी जीरे में 80 और 20 का अनुपात होता है। जिसमें 80% फूल झाड़ू का बीज और 20% जीरा मिलाकर इस नकली कारोबार को अंजाम दिया जाता है।
आपको बता दें कि, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सरदार फत्ते सिंह ने मीडिया को दिए गए बयान में फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जहां इस बीज को औषधि बताया तो, वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा पकड़े गए व्यापारियों (आरोपियों) पर दबाव बनाकर फूल झाड़ू के बीज में बाजार से असली जीरा मंगवा कर मिलवट करने तथा डब्बों में भरवा कर फोटो खिंचवाने उसे पब्लिश करने तथा गलत तरीके जांच के लिए सैंपल भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता सरदार फत्ते सिंह ने मीडिया को दिए गए बयान में यह भी कहा है कि, फूल झाड़ू के बीच में महाराजगंज पुलिस द्वारा बाजार से मंगवा कर असली जीरा मिलावट कर एक ही साइज और एक ही तरह के डिब्बों में पैक कर उसे मिलावटी बनाया गया, जिससे यह सिद्ध होता है कि, महराजगंज पुलिस कस्बे के व्यापारियों को बदनाम करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारा दिए गए इस सनसनीखेज बयान से क्षेत्र के व्यापारियों सहित आम जनमानस में पुलिस प्रशासन के इस कारनामें के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
सिलसिलेवार कई अनसुलझे मामले सुलझा कर क्षेत्र की जनता के दिलों पर राज करने वाली महराजगंज पुलिस अपने ही बुने हुए मकड़जाल में फंसती नजर आ रही है। लत्ते को सांप और सांप को लत्ता बनाने में माहिर महराजगंज की पुलिस के प्रति क्षेत्र की जनता का इस मामले में विश्वास खोता नजर आ रहा है।
भाजपा नेता व पूर्व विधायक राजाराम त्यागी ने फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) प्रकरण मामले पर मीडिया को दिए गए बयान में कहा है कि, फूल झाड़ू बीज को नकली जीरा कहना शब्द ही ठीक नहीं है यह कहना व्यापारियों के साथ नाइंसाफी होगी। मीडिया द्वारा श्री त्यागी से पूछे गए सवाल में कि, प्रशासन द्वारा व्यापारियों से यह पूछे जाने पर की फूल झाड़ू का बीज कौन सी औषधि में काम आता है। इस पर व्यापारियों का मौन रहना कहीं ना कहीं व्यापारियों को कटघरे में खड़ा करता है तो बिना एक पल समय गवाएं श्री त्यागी ने तपाक से कहा कि, व्यापारी कोई साइंटिस्ट वैज्ञानिक नहीं है व्यापारियों से इस तरह का पूछा गया सवाल निराधार है इस बात की जानकारी के संबंध में प्रशासन को किसी वैज्ञानिक से सलाह लेनी चाहिए। श्री त्यागी ने आगे कहा कि, भारत सरकार ने फूल झाड़ू के बीज का शोध कराया है यह किसी औषधि के काम आता है। अंत में उन्होंने कहा कि फूल झाड़ू के बीज को नकली जीरा बताना व्यापारियों का उत्पीड़न करने जैसा है। सरकार और प्रशासन को इस मामले पर गहनता से विचार करना चाहिए।
वहीं सर्राफा संघ के नगर अध्यक्ष रामप्रकाश वर्मा उर्फ मुन्ना ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा है कि, महराजगंज पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। फूल झाड़ू बीज को नकली जीरा बताकर वाहवाही लूटने वाली महराजगंज पुलिस ने नकली जीरा का नाम देकर व्यापारियों को फंसाने का काम किया है। जिसकी आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए वे सभी व्यापारी तैयार हैं।
फूल झाड़ू नकली जीरा मामले में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष रिन्कू जायसवाल ने भी मीडिया को दिए गए अफने बयान में महाराजगंज पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा है कि, महराजगंज कोतवाली पुलिस ने नकली जीरा के नाम पर कस्बे के व्यापारियों का उत्पीड़न करते हुए धन उगाही करने का काम किया है। जिसके लिए वह सभी व्यापारियों से मिलकर उच्चाधिकारियों से मिलेंगे तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ दुकान बंद और मशाल जुलूस निकालकर विशाल धरना प्रदर्शन जैसे कार्य व्यापारियों के हित के लिए करेगें।
इनसैट
वही इस मामले को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि, जिस तरह से प्रशासन द्वारा पॉलीथिन पर प्रतिबंध के लिए शहर से लेकर नगर पंचायत और नगर पंचायत से लेकर गांव तक प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा लाउडस्पीकरों के माध्यमों से आम जनमानस को जागरूक करने के लिए प्रचार प्रसार किया गया है उसी तरह यदि फूल झाड़ू का बीज प्रतिबंधित था और मिलावट खोरी में आता था तो सरकार और प्रशासन द्वारा इसका भी प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करना चाहिए था तथा इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए था जिस तरह पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। अब ऐसे में अचानक पुलिस द्वारा व्यापारियों पर की गई कार्यवाही सवालों के घेरे में है।
महराजगंज/रायबरेली: विगत 1 सप्ताह पूर्व महराजगंज कस्बे में मुखबिर खास की सूचना पर पुलिस की छापामारी के दौरान भारी मात्रा में पकड़ा गया फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) मामले में व्यापारियों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। जिसको लेकर क्षेत्र के व्यापारी और भाजपा नेता लामबंद हो चुके हैं और एक स्वर में फूल झाड़ू बीज को औषधि बताते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि, रायबरेली पुलिस का कहना है कि, यह लोग झाड़ू के बीच को खरीदते थे और इससे नकली जीरा बनाने का कारोबार करते थे फूल झाड़ू के बीज से बनाए गए जीरे को ₹200 प्रति किलो से अधिक के हिसाब से बेचा जाता है इस मिलावटी जीरे में 80 और 20 का अनुपात होता है। जिसमें 80% फूल झाड़ू का बीज और 20% जीरा मिलाकर इस नकली कारोबार को अंजाम दिया जाता है।
आपको बता दें कि, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सरदार फत्ते सिंह ने मीडिया को दिए गए बयान में फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जहां इस बीज को औषधि बताया तो, वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा पकड़े गए व्यापारियों (आरोपियों) पर दबाव बनाकर फूल झाड़ू के बीज में बाजार से असली जीरा मंगवा कर मिलवट करने तथा डब्बों में भरवा कर फोटो खिंचवाने उसे पब्लिश करने तथा गलत तरीके जांच के लिए सैंपल भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता सरदार फत्ते सिंह ने मीडिया को दिए गए बयान में यह भी कहा है कि, फूल झाड़ू के बीच में महाराजगंज पुलिस द्वारा बाजार से मंगवा कर असली जीरा मिलावट कर एक ही साइज और एक ही तरह के डिब्बों में पैक कर उसे मिलावटी बनाया गया, जिससे यह सिद्ध होता है कि, महराजगंज पुलिस कस्बे के व्यापारियों को बदनाम करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारा दिए गए इस सनसनीखेज बयान से क्षेत्र के व्यापारियों सहित आम जनमानस में पुलिस प्रशासन के इस कारनामें के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
सिलसिलेवार कई अनसुलझे मामले सुलझा कर क्षेत्र की जनता के दिलों पर राज करने वाली महराजगंज पुलिस अपने ही बुने हुए मकड़जाल में फंसती नजर आ रही है। लत्ते को सांप और सांप को लत्ता बनाने में माहिर महराजगंज की पुलिस के प्रति क्षेत्र की जनता का इस मामले में विश्वास खोता नजर आ रहा है।
भाजपा नेता व पूर्व विधायक राजाराम त्यागी ने फूल झाड़ू बीज (नकली जीरा) प्रकरण मामले पर मीडिया को दिए गए बयान में कहा है कि, फूल झाड़ू बीज को नकली जीरा कहना शब्द ही ठीक नहीं है यह कहना व्यापारियों के साथ नाइंसाफी होगी। मीडिया द्वारा श्री त्यागी से पूछे गए सवाल में कि, प्रशासन द्वारा व्यापारियों से यह पूछे जाने पर की फूल झाड़ू का बीज कौन सी औषधि में काम आता है। इस पर व्यापारियों का मौन रहना कहीं ना कहीं व्यापारियों को कटघरे में खड़ा करता है तो बिना एक पल समय गवाएं श्री त्यागी ने तपाक से कहा कि, व्यापारी कोई साइंटिस्ट वैज्ञानिक नहीं है व्यापारियों से इस तरह का पूछा गया सवाल निराधार है इस बात की जानकारी के संबंध में प्रशासन को किसी वैज्ञानिक से सलाह लेनी चाहिए। श्री त्यागी ने आगे कहा कि, भारत सरकार ने फूल झाड़ू के बीज का शोध कराया है यह किसी औषधि के काम आता है। अंत में उन्होंने कहा कि फूल झाड़ू के बीज को नकली जीरा बताना व्यापारियों का उत्पीड़न करने जैसा है। सरकार और प्रशासन को इस मामले पर गहनता से विचार करना चाहिए।
वहीं सर्राफा संघ के नगर अध्यक्ष रामप्रकाश वर्मा उर्फ मुन्ना ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा है कि, महराजगंज पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। फूल झाड़ू बीज को नकली जीरा बताकर वाहवाही लूटने वाली महराजगंज पुलिस ने नकली जीरा का नाम देकर व्यापारियों को फंसाने का काम किया है। जिसकी आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए वे सभी व्यापारी तैयार हैं।
फूल झाड़ू नकली जीरा मामले में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष रिन्कू जायसवाल ने भी मीडिया को दिए गए अफने बयान में महाराजगंज पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा है कि, महराजगंज कोतवाली पुलिस ने नकली जीरा के नाम पर कस्बे के व्यापारियों का उत्पीड़न करते हुए धन उगाही करने का काम किया है। जिसके लिए वह सभी व्यापारियों से मिलकर उच्चाधिकारियों से मिलेंगे तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ दुकान बंद और मशाल जुलूस निकालकर विशाल धरना प्रदर्शन जैसे कार्य व्यापारियों के हित के लिए करेगें।
इनसैट
वही इस मामले को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि, जिस तरह से प्रशासन द्वारा पॉलीथिन पर प्रतिबंध के लिए शहर से लेकर नगर पंचायत और नगर पंचायत से लेकर गांव तक प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा लाउडस्पीकरों के माध्यमों से आम जनमानस को जागरूक करने के लिए प्रचार प्रसार किया गया है उसी तरह यदि फूल झाड़ू का बीज प्रतिबंधित था और मिलावट खोरी में आता था तो सरकार और प्रशासन द्वारा इसका भी प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करना चाहिए था तथा इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए था जिस तरह पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। अब ऐसे में अचानक पुलिस द्वारा व्यापारियों पर की गई कार्यवाही सवालों के घेरे में है।






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