रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: ब्लॉक संसाधन केंद्र पर जमे बैठे हैं बीईओ के चहेते शिक्षक। गौरतलब है कि, समूचे प्रदेश में एबीआरसी के पद समाप्त करके बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एआरपी के पद सृजित किए गए हैं, जिन पर चयन की प्रक्रिया गतिमान है। विद्यालयों में जाकर शैक्षिक सपोर्ट देने के बजाय एबीआरसी पदों पर बैठे लोगों द्वारा शिक्षकों का शोषण किए जाने, बीईओ के साथ मिलकर लेनदेन के मामले उजागर होने के बाद शासन ने एबीआरसी के पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया।
अभी तक चल रही व्यवस्था के अनुसार सामाजिक विषय के एबीआरसी संजय कनौजिया ही नियमानुसार मीना मंच के नोडल ब्लॉक अधिकारी थे। परंतु शासन द्वारा एबीआरसी पदों की समाप्ति के बाद यह व्यवस्था पूरे प्रदेश के साथ रायबरेली जनपद में भी समाप्त कर दी गई, परंतु ब्लाक महराजगंज में नियमों को ताक पर रखते हुए पूर्व एबीआरसी संजय कनौजिया को ही बतौर नोडल अधिकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय टूक के सहायक अध्यापक पद से कार्यमुक्त करते हुए 16 दिसंबर से ब्लॉक संसाधन केंद्र पर चल रहे मीना मंच के प्रशिक्षण में आवंटित बजट के बंदरबांट के लिए नियोजित किया गया।
विद्यालय के शैक्षणिक माहौल से दूर रहकर अक्सर नित नए-नए प्रशिक्षण अथवा नोडल अधिकारी अथवा किसी अन्य कार्य के बहाने सदैव बीआरसी पर ही देखे जाते हैं। शैक्षणिक क्रियाकलापों में इनका मन नहीं लगता है। इनकी मनो-स्थिति अभी भी पूर्व के एबीआरसी पद के भांति ही पद पर रहते हुए क्रियाकलापों की बनी हुई है। जिसमें अक्सर सांठगांठ तथा कमाई के अन्य तरीकों जैसे शिक्षकों का शोषण, प्रशिक्षण के दौरान लंच पैकेट में घोटाला आदि के नाम पर ही लिप्त रहने के मानसिकता को छोड़ पाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।
मामले में मीना मंच के जनपद रिसोर्स पर्सन एसएस पांडे का कहना है कि, एबीआरसी का पद समाप्त कर दिया गया है। अब किसी भी एबीआरसी की तैनाती नहीं है। वहीं इसी मामले में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार से भोजन की गुणवत्ता व नोडल अधिकारी की तैनाती की बात की गई तो पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और कहा कि, उनकी तैनाती के पहले से ही संजय कनौजिया नोडल पद पर तैनात हैं।
इनसैट....
ब्लॉक संसाधन केंद्र पाली में चल रहे मीना मंच के प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को मिलने वाले भोजन की कीमत शासन द्वारा 150 रुपए प्रति प्रशिक्षु के हिसाब से निर्धारित किया गया है जिसमें एक स्टेशनरी व एक पेन तथा भोजन की व्यवस्था निर्धारित की गई है। लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी व नोडल अधिकारी की मिलीभगत के चलते डेढ़ सौ रुपए में मिलने वाले भोजन में चार पूड़ी, छोला, आलू की सब्जी तथा एक पेड़ा ही मिलता है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, प्रशिक्षण में आने वाले प्रशिक्षुओं को मिलने वाला भोजन भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है जिसकी चर्चा संपूर्ण विकास खंड के शिक्षकों में जोरों पर है।
महराजगंज/रायबरेली: ब्लॉक संसाधन केंद्र पर जमे बैठे हैं बीईओ के चहेते शिक्षक। गौरतलब है कि, समूचे प्रदेश में एबीआरसी के पद समाप्त करके बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एआरपी के पद सृजित किए गए हैं, जिन पर चयन की प्रक्रिया गतिमान है। विद्यालयों में जाकर शैक्षिक सपोर्ट देने के बजाय एबीआरसी पदों पर बैठे लोगों द्वारा शिक्षकों का शोषण किए जाने, बीईओ के साथ मिलकर लेनदेन के मामले उजागर होने के बाद शासन ने एबीआरसी के पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया।
अभी तक चल रही व्यवस्था के अनुसार सामाजिक विषय के एबीआरसी संजय कनौजिया ही नियमानुसार मीना मंच के नोडल ब्लॉक अधिकारी थे। परंतु शासन द्वारा एबीआरसी पदों की समाप्ति के बाद यह व्यवस्था पूरे प्रदेश के साथ रायबरेली जनपद में भी समाप्त कर दी गई, परंतु ब्लाक महराजगंज में नियमों को ताक पर रखते हुए पूर्व एबीआरसी संजय कनौजिया को ही बतौर नोडल अधिकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय टूक के सहायक अध्यापक पद से कार्यमुक्त करते हुए 16 दिसंबर से ब्लॉक संसाधन केंद्र पर चल रहे मीना मंच के प्रशिक्षण में आवंटित बजट के बंदरबांट के लिए नियोजित किया गया।
विद्यालय के शैक्षणिक माहौल से दूर रहकर अक्सर नित नए-नए प्रशिक्षण अथवा नोडल अधिकारी अथवा किसी अन्य कार्य के बहाने सदैव बीआरसी पर ही देखे जाते हैं। शैक्षणिक क्रियाकलापों में इनका मन नहीं लगता है। इनकी मनो-स्थिति अभी भी पूर्व के एबीआरसी पद के भांति ही पद पर रहते हुए क्रियाकलापों की बनी हुई है। जिसमें अक्सर सांठगांठ तथा कमाई के अन्य तरीकों जैसे शिक्षकों का शोषण, प्रशिक्षण के दौरान लंच पैकेट में घोटाला आदि के नाम पर ही लिप्त रहने के मानसिकता को छोड़ पाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।
मामले में मीना मंच के जनपद रिसोर्स पर्सन एसएस पांडे का कहना है कि, एबीआरसी का पद समाप्त कर दिया गया है। अब किसी भी एबीआरसी की तैनाती नहीं है। वहीं इसी मामले में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार से भोजन की गुणवत्ता व नोडल अधिकारी की तैनाती की बात की गई तो पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और कहा कि, उनकी तैनाती के पहले से ही संजय कनौजिया नोडल पद पर तैनात हैं।
इनसैट....
ब्लॉक संसाधन केंद्र पाली में चल रहे मीना मंच के प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को मिलने वाले भोजन की कीमत शासन द्वारा 150 रुपए प्रति प्रशिक्षु के हिसाब से निर्धारित किया गया है जिसमें एक स्टेशनरी व एक पेन तथा भोजन की व्यवस्था निर्धारित की गई है। लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी व नोडल अधिकारी की मिलीभगत के चलते डेढ़ सौ रुपए में मिलने वाले भोजन में चार पूड़ी, छोला, आलू की सब्जी तथा एक पेड़ा ही मिलता है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, प्रशिक्षण में आने वाले प्रशिक्षुओं को मिलने वाला भोजन भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है जिसकी चर्चा संपूर्ण विकास खंड के शिक्षकों में जोरों पर है।





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