आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाला जीरा बिगाड़ सकता है सेहत।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
 महराजगंज/रायबरेली: अगर आप भी अपनी किचेन में जीरे का यूज करते हैं तो सतर्क हो जाएं। आजकल नकली जीरे का गोरखधंधा महराजगंज क्षेत्र में तेजी पर है। हाल ही में  महराजगंज पुलिस ने कस्बा सहित आसपास के गांव में नकली जीरा बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश कर 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक को हिरासत में  लेकर जेल भेज दिया है।
    आपको बता दें कि, देश के सभी किचन में यूज होने वाला जीरा अब आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। अगर आप भी अपनी किचेन में जीरे का यूज करते हैं तो सतर्क हो जाएं। आजकल नकली जीरे का गोरखधंधा रायबरेली जनपद के महराजगंज कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में तेजी पर है। हाल ही में  महराजगंज पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली जीरा (cumin seeds) बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ करके 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक को जेल भेज दिया है। ये लोग फूल झाडू के बीज को नकली जीरा का रूप देकर बड़े पैमाने पर बेच रहे थे। लगभग 15 दिन पूर्व महराजगंज पुलिस की छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब  एक हजार से अधिक कुंतल नकली जीरा पकड़ा है।
फूल झाड़ू बीज से बनाते थे नकली जीरा
 रायबरेलीपुलिस ने बताया कि, यह जीरा दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में भेजा जाता था। पुलिस के मुताबिक ये लोग 10 रुपए  किलो के हिसाब से फूल झाड़ू बीज खरीदते थे और इससे नकली जीरा बनाने का कारोबार करते थे। 10 रुपए किलो के  फूल झाड़ू बीज से बनाए गए जीरे को 200 रुपए प्रति किलो से अधिक के हिसाब से बेचा जाता था।
मशीन से करते थे तैयार
मुख्य खाद्य निरीक्षक के मुताबिक फूल झाड़ू के बीज को जीरे का रुप दिया जाता था। यह असली जीरे की तुलना में थोड़ा पतला होता है। इस जीरे को गुड़ का सीरा, संगमरमर पत्थर का पाउडर मिलाकर मशीन से तैयार किया जाता है।
गंभीर बीमारियों के हो सकते हैं शिकार
फिलहाल पुलिस ने इसका नमूना लिया है और इसको जांच के लिए भेजा है। इस तरह के नकली जीरे को खाकर लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
ऐसे होता है तैयार
नकली जीरा बनाने के लिए यह लोग फूल झाड़ू वाली घास, पिसा हुआ बारीक पत्थर, और गुड़ का शीरा इस्तेमाल करते थे। यह लोग जीरा बनाने के लिए सबसे पहले पत्थर का चूरा बना लेते थे। फिर बाद में उसमे जंगली घास गाड़र का बीज मिला देते थे और सबसे आखिरी में उसमें गुड़ का शीरा मिलाते थे। शीरा को मिलाने के बाद उसको धूप में सुखाकर नकली जीरा तैयार किया जाता था।
 क्या कहना है क्षेत्र के लोगों का
 जब हमारी टीम में नकली जीरा मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों से राय जाननी चाही तो लोगों का कहना है कि, महराजगंज पुलिस द्वारा नकली जीरा मामले में किए गए खुलासे की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। लोगों का यह भी मानना है कि, सत्ताधारी नेता और व्यापारी नकली जीरा मामले को  तूल पकड़ा कर नेता तो अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं और व्यापारी जनता के सामने अपनों को इस घिनौने कृत्य में  फंसता देख समाज के सामने पाक साफ बनने का नाटक कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही को जायज बता रही है और पुलिस की तारीफ में कसीदे पढ़ रही है।

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