रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के रानी खेड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत भुइयन खेड़ा गांव में पिछले 10 वर्षों से इंडिया मार्का हैंडपम्प के चट्टा निर्माण की राह देखते-देखते ग्रामीण चट्टा हो गए हैं और चट्टा (फाउंडेशन) निर्माण की आस छोड़ दी है। वहीं ग्रामीणों की दर्जनों शिकायतों के बावजूद नतीजा शून्य रहा।
आपको बता दें कि, इंडिया मार्का हैंडपम्प के पास जमा दूषित पानी एवं ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करते देख गांव के युवा समाजसेवी संजय कुमार रावत ने बुधवार को अपनी जेब से हैंडपम्प के चट्टे का निर्माण कराकर एक मिसाल पेश कर दी है। संजय कुमार रावत के इस कार्य की चारों ओर सराहना हो रही है।
गांव के दिव्यांग गुरचरण पासी ने बताया कि, उनके दरवाजे करीब 10 वर्ष पूर्व इंडिया मार्का हैंडपम्प लगा था। दर्जनों शिकायतों के बावजूद चट्टे का निर्माण आज तक नहीं कराया गया था। गांव के युवा समाजसेवी संजय कुमार रावत ने अपने पास से हैंडपम्प के चट्टे का निर्माण कराकर समाज सेवा की सच्ची मिसाल पेश की है।
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के रानी खेड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत भुइयन खेड़ा गांव में पिछले 10 वर्षों से इंडिया मार्का हैंडपम्प के चट्टा निर्माण की राह देखते-देखते ग्रामीण चट्टा हो गए हैं और चट्टा (फाउंडेशन) निर्माण की आस छोड़ दी है। वहीं ग्रामीणों की दर्जनों शिकायतों के बावजूद नतीजा शून्य रहा।
आपको बता दें कि, इंडिया मार्का हैंडपम्प के पास जमा दूषित पानी एवं ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करते देख गांव के युवा समाजसेवी संजय कुमार रावत ने बुधवार को अपनी जेब से हैंडपम्प के चट्टे का निर्माण कराकर एक मिसाल पेश कर दी है। संजय कुमार रावत के इस कार्य की चारों ओर सराहना हो रही है।
गांव के दिव्यांग गुरचरण पासी ने बताया कि, उनके दरवाजे करीब 10 वर्ष पूर्व इंडिया मार्का हैंडपम्प लगा था। दर्जनों शिकायतों के बावजूद चट्टे का निर्माण आज तक नहीं कराया गया था। गांव के युवा समाजसेवी संजय कुमार रावत ने अपने पास से हैंडपम्प के चट्टे का निर्माण कराकर समाज सेवा की सच्ची मिसाल पेश की है।

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