रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आजादी के 71 साल बाद भी हमारे देश की बहू, बेटियां अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। यह एक बड़ा सवाल है। मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा तब देखने को मिला जब हमारी टीम ने महिला सुरक्षा को लेकर कई विद्यालयों में वहां की बच्चियों से यह जानने का प्रयास किया कि क्या वे सभी मौजूदा सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे बड़े-बड़े दावो के बावजूद अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हैं या नहीं। तो सभी बच्चियों ने एक ही जवाब दिया की मौजूदा सरकार दावे तो बहुत करती है, लेकिन धरातल पर उनके द्वारा किए गए एक भी दावे सत्य सिद्ध नहीं हो रहे हैं।
आपको बता दें कि, हमारी टीम द्वारा रायबरेली जनपद में महराजगंज क्षेत्र के कई विद्यालयों की छात्राओं से यह जानने का प्रयास किया गया कि, क्या वे मौजूदा सरकार में अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हैं तो इन बच्चियों ने बिना एक पल समय गवाएं जवाब दिया कि, मौजूदा सरकार में वे सब अपने आप को बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है
क्योंकि आए दिन समाचारों प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से इन्हे यह जानकारी प्राप्त होती रहती है कि, देश में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, हर रोज किसी न किसी मुसीबत का सामना करने वाली महिलाओं और बेटियों को घर हो या बाहर हर जगह उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को बचाना पढ़ रहा है। उन्हें अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए और कुछ करने की आजादी के लिए तमाम तरह की जद्दोजहद करनी पड़ती हैं। वहीं इन बच्चियों का कहना है कि, जब वह घर से स्कूल पढ़ने आती है तो सरकार द्वारा उन्हें कोई भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जाती है।
इनका मानना है कि, इनके साथ कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है यह अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं। ऐसे में अपनी सुरक्षा को लेकर यह बच्चियों काफी चिंतित दिखी और इन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया जांए ताकि, पढ़े बेटियां बढ़े बेटियां के नारे को धरातल पर सत्य साबित किया जा सके।
महराजगंज/रायबरेली: आजादी के 71 साल बाद भी हमारे देश की बहू, बेटियां अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। यह एक बड़ा सवाल है। मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा तब देखने को मिला जब हमारी टीम ने महिला सुरक्षा को लेकर कई विद्यालयों में वहां की बच्चियों से यह जानने का प्रयास किया कि क्या वे सभी मौजूदा सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे बड़े-बड़े दावो के बावजूद अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हैं या नहीं। तो सभी बच्चियों ने एक ही जवाब दिया की मौजूदा सरकार दावे तो बहुत करती है, लेकिन धरातल पर उनके द्वारा किए गए एक भी दावे सत्य सिद्ध नहीं हो रहे हैं।
आपको बता दें कि, हमारी टीम द्वारा रायबरेली जनपद में महराजगंज क्षेत्र के कई विद्यालयों की छात्राओं से यह जानने का प्रयास किया गया कि, क्या वे मौजूदा सरकार में अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हैं तो इन बच्चियों ने बिना एक पल समय गवाएं जवाब दिया कि, मौजूदा सरकार में वे सब अपने आप को बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है
क्योंकि आए दिन समाचारों प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से इन्हे यह जानकारी प्राप्त होती रहती है कि, देश में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, हर रोज किसी न किसी मुसीबत का सामना करने वाली महिलाओं और बेटियों को घर हो या बाहर हर जगह उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को बचाना पढ़ रहा है। उन्हें अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए और कुछ करने की आजादी के लिए तमाम तरह की जद्दोजहद करनी पड़ती हैं। वहीं इन बच्चियों का कहना है कि, जब वह घर से स्कूल पढ़ने आती है तो सरकार द्वारा उन्हें कोई भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जाती है।
इनका मानना है कि, इनके साथ कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है यह अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं। ऐसे में अपनी सुरक्षा को लेकर यह बच्चियों काफी चिंतित दिखी और इन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया जांए ताकि, पढ़े बेटियां बढ़े बेटियां के नारे को धरातल पर सत्य साबित किया जा सके।





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