डॉ मलिक की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि

मिर्जापुर। संगीत में रमने-बसने वाले कमला आर्य कन्या पी जी कालेज में प्राचार्य रहे डॉ ओमप्रकाश पांडेय 'मलिक' की प्रथम पुण्य तिथि सविधि श्राद्ध एवं ब्राह्मण भोज के साथ पौष पूर्णिमा को उनके आवास पर मनाई गई । उनके पुत्र पुनीत एवं विनीत ने पूजन किया और अपने पिता के शुभचिंतकों को आमंत्रित किया । जहां सबने उन्हें श्रद्धांजलि दी ।
     डॉ मलिक का संगीत की सभी विधाओं पर पूर्ण आधिपत्य था । वे गायन, वादन के साथ संगीत साहित्य के अवर्णनीय ज्ञाता थे । उनका ओढ़ना-बिछौना, खाना-पीना सब संगीत ही था । वे सामान्य रूप से वार्तालाप भी करते थे, तो उसमें सांगीतिक मिठास झलकती थी । वे लगभग 1978 में यहाँ आजमगढ़ से आए । उक्त कालेज में प्रवक्ता के रूप में अति लोकप्रिय रहे । एक समय था कि जिले के हर बड़े संगीत कार्यक्रम उनकी उपस्थिति से गरिमामंडित होते रहे । कई दर्जन संस्थाओं ने उनका सम्मान भी किया । कुछ ही साल पहले उनकी संगीत संबंधित पुस्तक का लोकार्पण नई दिल्ली में गीतकार स्व गोपालदास नीरज ने किया था । पडरौना घराने के यश को उन्होंने आगे बढ़ाया । उनके पिता संगीत सम्राट स्व श्यामशंकर पांडेय आजमगढ़ के अग्रसेन कन्या डिग्री कालेज में संगीत विभागाध्यक्ष थे । संगीत डॉ मलिक को विरासत में प्राप्त था ।
     पुण्य-तिथि पर उनका आंगन जरूर उदास था ।-
                        सलिल पांडेय, मिर्जापुर

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