पीड़ित ने लगाई एसडीएम की चौखट पर न्याय की गुहार
शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बीते पंचायत चुनाव में वोट ना देने व पुरानी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान ने एक गरीब किसान की पुश्तैनी जमीन पर खड़े दर्जनों पेड़ कटवा डाले, जिससे आहत भुक्तभोगी ने उप जिलाधिकारी की चौखट पर जाकर न्याय की गुहार लगाई है।
आपको बता दें कि, उप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में रामसेवक मौर्या पुत्र गुरु ओथी मजरे टूक गांव निवासी ने कहा है कि, उनके ही गांव के दबंग प्रधान पुट्टू पासी द्वारा दिनांक 8 जनवरी को मनरेगा के तहत बन रहे कच्चे संपर्क मार्ग के नजदीक पीड़ित की पुश्तैनी जमीन है जिस पर 01 महुआ, 04आम ,02 कटहल, 03अमरूद तथा 04 गूलर के पेड़ खड़े थे। जिनको बिना पेड़ स्वामी को सूचना दिए ग्राम प्रधान द्वारा जबरन कटवा डाला गया। पेड़ स्वामी के मना करने पर ग्राम प्रधान मारपीट पर आमादा हो गए और कहा कि, जो करना है कर लो वह किसी को डरते नहीं है। पेड़ कट कर रहेंगे तथा प्रार्थी का बोया हुआ गेहूं भी खोदकर बन रहे संपर्क मार्ग पर डालवा दिया। जिससे प्रार्थी का भारी नुकसान हुआ है।
पीड़ित का मानना है कि, पुरानी रंजिश के चलते ही उसके पेड़ व गेहूं को ग्राम प्रथम द्वारा बर्बाद किया गया है। राजनीतिक द्वेष के चलते पेड़ एवं गेहूं की फसल बर्बाद करने का कार्य ग्राम प्रधान द्वारा किया गया है।
मामले में ग्राम पंचायत मंत्री धर्मेंद्र देव से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, मनरेगा योजना के तहत कच्चा संपर्क मार्ग बन रहा है यदि प्रधान द्वारा पेड़ कटवाए गए हैं तो वह गलत व निंदनीय कार्य है।
शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बीते पंचायत चुनाव में वोट ना देने व पुरानी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान ने एक गरीब किसान की पुश्तैनी जमीन पर खड़े दर्जनों पेड़ कटवा डाले, जिससे आहत भुक्तभोगी ने उप जिलाधिकारी की चौखट पर जाकर न्याय की गुहार लगाई है।
आपको बता दें कि, उप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में रामसेवक मौर्या पुत्र गुरु ओथी मजरे टूक गांव निवासी ने कहा है कि, उनके ही गांव के दबंग प्रधान पुट्टू पासी द्वारा दिनांक 8 जनवरी को मनरेगा के तहत बन रहे कच्चे संपर्क मार्ग के नजदीक पीड़ित की पुश्तैनी जमीन है जिस पर 01 महुआ, 04आम ,02 कटहल, 03अमरूद तथा 04 गूलर के पेड़ खड़े थे। जिनको बिना पेड़ स्वामी को सूचना दिए ग्राम प्रधान द्वारा जबरन कटवा डाला गया। पेड़ स्वामी के मना करने पर ग्राम प्रधान मारपीट पर आमादा हो गए और कहा कि, जो करना है कर लो वह किसी को डरते नहीं है। पेड़ कट कर रहेंगे तथा प्रार्थी का बोया हुआ गेहूं भी खोदकर बन रहे संपर्क मार्ग पर डालवा दिया। जिससे प्रार्थी का भारी नुकसान हुआ है।
पीड़ित का मानना है कि, पुरानी रंजिश के चलते ही उसके पेड़ व गेहूं को ग्राम प्रथम द्वारा बर्बाद किया गया है। राजनीतिक द्वेष के चलते पेड़ एवं गेहूं की फसल बर्बाद करने का कार्य ग्राम प्रधान द्वारा किया गया है।
मामले में ग्राम पंचायत मंत्री धर्मेंद्र देव से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, मनरेगा योजना के तहत कच्चा संपर्क मार्ग बन रहा है यदि प्रधान द्वारा पेड़ कटवाए गए हैं तो वह गलत व निंदनीय कार्य है।



0 टिप्पणियाँ