बच्चों ने की वैश्विक मेल मिलाप की अपील स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण पर बल

संस्कार बढ़ाने के लिए दी गई गीता प्रेस की पस्तकें---
मिर्जापुर। शांति बालवाड़ी शिक्षा निकेतन, स्मार्ट किड्स एवं दक्षिणामूर्त्ति पब्लिक स्कूल, राजपुर के नन्हे मुन्हें बच्चों ने छोटी छोटी बातों को लेकर विश्वभर में फैल रही वैमन्यस्यता को खत्म करने की अपील अपने वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में जब की तो उपस्थित जनसमूह ने कहा कि वर्तमान दौर में यह अपील अति आवश्यक है। 
     शुक्रवार को नगर के रमईपट्टी मुहल्ले की नई बस्ती में सम्पन्न कार्यक्रम में सबसे पहले 'एक बटे दो, दो बटे चार, छोटी छोटी बातों में बंट गया संसार' गीत पर भाव नृत्य कर बच्चों ने कहा कि अच्छे परिवार में जिस तरह मम्मी और डैडी का प्यार बना रहता है वही आदर्श प्रेम होता है । परिवार में अच्छे संस्कार अन्य सदस्यों पर पड़ता है ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से--
प्रारम्भ में मुख्य अतिथि के रूप में इलाहाबाद से आईं स्कूल प्रबंध तंत्र की सदस्य श्रीमती इंदु श्रीवास्तव ने किया तथा छोटे बच्चों के उत्तम भविष्य के लिए स्कूल तथा बच्चों के परिवार द्वारा संयुक्त प्रयास पर जोर दिया । स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नेता श्री केशव प्रसाद मिश्र ने भी विचार व्यक्त किए ।
नारी सशक्तिकरण-- 
नारी सशक्तिकरण को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया । जब बच्चों ने 'ढोल बाजे ढोल बाजे' और 'ताल से ताल मिला' गीत की प्रस्तुति हुई तो अभिभावकों ने स्त्री-पुरुष में कदम से कदम मिलाकर चलने के अर्थों में इसे जरूरी बताया ।
शिव प्रकट हो गए--- 
बच्चों के शिव-नृत्य पर लगा कि काशी के बाबा विश्वनाथ की कृपा बच्चों पर हो गई हैं । पूरा नृत्य भगवान शंकर के नटराज स्वरूप जैसा लगा । मां की महत्ता बढ़ाने के लिए 'मां मुझको आँचल में बसा लो, गले से लगा लो...' गीत के माध्यम से बच्चों ने मां के आंचल की छाया को ईश्वरीय आँचल कहा ।
      प्रारम्भ में स्कूल के डायरेक्टर तथा PTI के रिपोर्टर श्री संतोष कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया । उन्होंने कहा कि बच्चों को मंच जरूर मिलना चाहिए । इससे उनकी भड़क खुलती है और आत्मविश्वास जागृत होता है । शिक्षिकाओं में श्रीमती वंदना और कु शाइमा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया ।
       गीता प्रेस की पुस्तकें दी गईं ।--
कार्यक्रम में भाग लेने वाले लगभग दो सौ बच्चों को गीता प्रेस, गोरखपुर की संस्कारप्रद पुस्तकें एवं मेडल दिए गए।
                       -सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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